उत्तराखंड क्रांति दल ने की सरकार से पेयजल निगम के पूर्व प्रबंधन के पासपोर्ट जब्त करने की और सीबीआई जांच करने की मांग-त्रिवेंद्र सिंह पवांर

उत्तराखंड क्रांति दल ने की सरकार से पेयजल निगम के पूर्व प्रबंधन के पासपोर्ट जब्त करने की और सीबीआई जांच करने की मांग-त्रिवेंद्र सिंह पवांर

उत्तराखंड क्रांति दल ने की सरकार से पेयजल निगम के पूर्व प्रबंधन के पासपोर्ट जब्त करने की और सीबीआई जांच करने की मांग-त्रिवेंद्र सिंह पवांर

स्वतंत्र प्रभात

देहरादून(ब्यूरो)| दिनांक 14/08/2020 को उत्तराखंड क्रांति दल का एक उच्च प्रतिनिधिमंडल माननीय त्रिवेंद्र सिंह पंवार के नेतृत्व में राज्य के मुख्य सचिव से भेंटवार्ता की व मुख्य सचिव को पुष्प देकर शुभकामनाएं दी! उत्तराखंड क्रांति दल ने मुख्य सचिव से राज्य के हित में काम करने एवं भ्रष्टाचार को कड़ाई से रोकने के लिए कहा।

त्रिवेंद्र सिंह पवार ने मुख्य सचिव से कहा कि पेयजल निगम के पूर्व प्रबंध निदेशक भजन सिंह के ऊपर सैकड़ों घोटालों के आरोप हैं। उत्तराखंड क्रांति दल को भी भजन सिंह द्वारा किए गए भ्रष्टाचार की सूचनाएं लिखित तौर पर प्राप्त हुई हैं, जो संलग्न कर प्रेषित की जा रही हैं।उक्रांद को प्राप्त सूचनाओं का अवलोकन करने से प्रथम दृष्टया भजन सिंह के द्वारा किए गए भ्रष्टाचार उजागर होते हैं, जो गंभीर प्रवृत्ति के हैं, जिसमें अभियोग दर्ज कर भजन सिंह को गिरफ्तार किया जा सकता है।

उत्तराखंड में सुशासन कार्य प्रणाली को लागू करने के लिए आवश्यक है कि भजन सिंह के कार्यकाल की उच्च स्तरीय जांच की जानी चाहिए। भजन सिंह द्वारा अपने कार्यकाल में निर्माणाधीन कई पंपिंग घोटाले, निविदा घोटाले ,भर्ती घोटाले, नमामि गंगा में किए गए घोटाले ,सिविर योजना मे घोटाले ,टिहरी एवं मसूरी के घोटाले जैसे सैकड़ों घोटाले किए गए हैं।भ्रष्टाचार का मुख्य उद्देश्य भजन सिंह द्वारा अपने लिए अकुत संपत्ति अर्जित करना एवं पद पर बने रहना है। भजन सिंह के संबंध में माननीय उच्च न्यायालय में कई वाद दायर हैं। माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों एवं उत्तराखंड कैबिनेट द्वारा हटाए जाने के उपरांत भी भजन सिंह के द्वारा अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर पत्रावलियों का निस्तारण किया गया है एवं साक्ष्यों को मिटाया गया है,जिसको उत्तराखंड क्रांति दल के प्रतिनिधि मंडल ने दिनांक 30/07/2020 मौके पर हस्तक्षेप कर रात्रि में कार्य करने पत्रावलीयों के निस्तारण एवं साक्ष्यों को नष्ट करने का विरोध किया गया था।
अतः उत्तराखंड क्रांति दल मांग करता है
1- भजन सिंह द्वारा महा जुलाई में स्वीकृत पत्रावलीयो/आदेशों-निर्देशों/ इनके द्वारा कर्मचारियों की व्यक्तिगत पत्रावलीयो पर पर की गई प्रतिकूल प्रविष्टि पर रोक लगाई जाए अथवा महा जुलाई में भजन सिंह के आदेशों को निष्प्रभावी माना जाए यह आदेश द्वेष भावना के तहत किए गए प्रतीत होते हैं!

2- भजन सिंह पर तत्काल अभियोग दर्ज कर इनके कार्यकाल की उच्च स्तरीय जांच के लिए एक विशेष जांच एजेंसी गठन किया जाना चाहिए जो समयबद्ध अधिकतम तीन माह मे जांच पूर्ण कर ले।

भजन सिंह को राज्य एवं देश से बाहर जाने के लिए इनके पासपोर्ट को जब्त कर देना चाहिए एवं आवश्यकता पड़ने पर मामला सीबीआई को हस्तांतरित किया जाए!