शिक्षा के व्यवसायीकरण रोकने पर हुई वेव संगोष्ठी

REPORT BY-ANOOP SINGH

शिक्षा के व्यवसायीकरण रोकने पर हुई वेव संगोष्ठी 

शिक्षा व्यवसाय पर हो पर शिक्षा स्वयं व्यवसाय ना हो

जेएनयू एवं गोरखपुरविश्वविद्यालय के प्रोफेसरों ने नई शिक्षा नीति पर रखे विचार

राजकीय महाविद्यालय पनवाड़ी में भी भारतीय भाषाओं कला एवं संस्कृति पर हुई वेब संगोष्ठी

महोबा । निदेशक उच्च शिक्षा प्रयागराज प्रो० वंदना शर्मा के निर्देशन  में नई शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत वीरभूमि राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में प्राचार्य प्रोफे० लेफ्टिनेंट सुशील बाबू  के मार्गदर्शन में आयोजक सचिव हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ संतोष कुमार पांडेय तथा आइक्यूएसी के समन्वयक डॉ प्रदीप कुमार के द्वारा गूगल मीट प्लेटफार्म पर एक राष्ट्रीय  वेव गोष्ठी आयोजित की गई जिसमें मुख्य वक्ता जेएनयू के प्रोफेसर सुधीर प्रताप सिंह ने नई शिक्षा नीति पर विस्तार से चर्चा करते हुए समावेशी शिक्षा पर जोर दिया शिक्षा वैश्विक स्तर पर ज्ञान के आदान-प्रदान का माध्यम बने इसके लिए एक्सचेंज प्रोग्राम चलाना चाहिए जिससे विदेश के शिक्षक व छात्र हमारे यहां आए यहां के छात्र व शिक्षक उनके यहां जाएं संगोष्ठी के परिचर्चा विशेषज्ञ दीन दयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय गोरखपुर के हिंदी विभाग के प्रोफेसर डॉ प्रत्यूष दुबे ने शिक्षा के व्यवसायीकरण को रोकने के लिए त्रिभाषा फार्मूला को अपनाने पर जोर दिया डॉ दुबे ने अरविंद घोष, विवेकानंद एवं टैगोर जी को याद करते हुए मातृभाषा में शिक्षा प्रारंभ करने पर जोर दिया ।

संस्था के प्राचार्य प्रोफेसर लेफ्टिनेंट सुशील बाबू ने शिक्षा को प्रतियोगी बनाने की बात करते हुए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की वकालत की अंत में वेव गोष्ठी के माध्यम से जुड़े हुए समस्त प्राध्यापकों, प्राचार्य एवं विद्यार्थियों का आभार प्रदर्शन डॉक्टर संतोष कुमार पांडे ने किया संगोष्ठी में राम श्री महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ ऋतुराज सिंह गौतम ने अपने विचार रखे इस मौके पर डॉ सुशील कुमार शुक्ला प्राचार्य साईं कॉलेज आफ एजुकेशन ,मोहम्मद आरिफ राइन प्राचार्य स्वामी विवेकानंद महाविद्यालय सहित हमीरपुर ,पनवाड़ी के साथ-साथ मध्य प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली के अनेक विद्वान इस वेब संगोष्ठी में जुड़े रहे। वही राजकीय महाविद्यालय पनवाड़ी में भारतीय भाषाओं कला एवं संस्कृति पर एक वेब संगोष्ठी आयोजित की गई जिसमें मुख्य अतिथि क्षेत्रीय शिक्षा अधिकारी झांसी प्रोफेसर डॉक्टर संध्या रानी विशिष्ट अतिथि नोडल अधिकारी उच्च शिक्षा प्रोफ़ेसर सुशील बाबू मुख्य वक्ता जेएनयू के संस्कृत विभाग के प्राध्यापक बृजेंद्र सिंह रहे यह संगोष्ठी महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ आशुतोष शर्मा एवं आयोजक सचिव डॉ रवि अग्रवाल के प्रयासों से आयोजित हुई।