आज ही के दिन असहयोग आंदोलन के रूप मे लिखी गई थी आजादी मिलने की पटकथा

आज-ही-के-दिन-असहयोग-आंदोलन-के-रूप-मे-लिखी-गई-थी-आजादी-मिलने-की-पटकथा।

स्वतंत्र प्रभात

असहयोग आंदोलन विशेष ::

आज ही के दिन असहयोग आंदोलन के रूप मे लिखी गई थी आजादी मिलने की पटकथा
1857 की क्रांति के बाद पहला बडा आंदोलन जिसने हिला दी थी अंग्रेजों की नींव


दिल्ली–  एक अगस्त का दिन भारत के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। क्योंकि 1 अगस्त 1920 को अंग्रेजों के अत्याचार के खिलाफ गांधी जी द्वारा असहयोग आंदोलन शुरू किया गया था। महात्मा गांधी ने अपनी प्रसिद्ध पुस्तक स्वराज (1909) में लिखा कि भारत में अंग्रेजी राज इसलिए स्थापित हो पाया क्योंकि भारत के लोगों ने उनके साथ सहयोग किया। भारतीय लोगों के सहयोग के कारण अंग्रेज यहाँ पर हुकूमत करते रहे। अंग्रेज हुक्मरानों की बढ़ती ज्यादतियों का विरोध करने के लिए महात्मा गांधी ने 1920 में एक अगस्त को असहयोग आंदोलन की शुरूआत की।

आंदोलन के दौरान विद्यार्थियों ने सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में जाना छोड़ दिया, वकीलों ने अदालत में जाने से मना कर दिया और कई कस्बों और नगरों में श्रमिक हड़ताल पर चले गए।सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 1921 में असहयोग आंदोलन के दौरान 396 हड़तालें हुई। इनमें छह लाख श्रमिक शामिल थे और इससे 70 लाख कार्यदिवसों का नुकसान हुआ।असहयोग आन्दोलन शुरू करने के पीछे सबसे प्रमुख कारण था अंग्रेजी सरकार की अस्पष्ट नीतियाँ, सरकार के सुधारों से जनता बेहद नाराज थी। आर्थिक संकट छाया हुआ था तथा महामारी और अकाल फैला हुआ था। ऐसे समय में अंग्रेजी सरकार द्वारा 1919 को रोलेट एक्ट प्रस्तुत किया गया जो भारतीयों की नजर में एक काला कानून था. रोलेट समिति की रिपोर्ट के विरुद्ध हर जगह विरोध हो रहे था।

इस एक्ट के विरोध में पूरे देश में हड़ताल करने का निश्चय किया गया।असहयोग आंदोलन के दौरान विद्यार्थियों ने सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में जाना छोड़ दिया। वकीलों ने अदालत में जाने से मना कर दिया। श्रमिक हड़ताल पर चले गए। शहरों से लेकर गांव देहात में इस आंदोलन का असर दिखाई देने लगा और सन 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के बाद असहयोग आंदोलन से पहली बार अंग्रेजी राज की नींव हिल गई। फरवरी 1922 में किसानों के एक समूह ने संयुक्त प्रांत के गोरखपुर जिले के चैरी-चैरा पुरवा में एक पुलिस स्टेशन पर आक्रमण कर उसमें आग लगा दी। हिंसा की इस घटना के बाद गांधी जी ने यह आंदोलन तत्काल वापस ले लिया।

1अगस्त को घटित इतिहास की अन्य महत्वपूर्ण घटनाएं


1831: नए लंदन ब्रिज को यातायात के लिए खोल दिया गया। 
1883: ग्रेट ब्रिटेन में अंतर्देशीय डाक सेवा शुरू। 
1914: प्रथम विश्व युद्ध शुरू। 
1916: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष एनी बेसेंट ने होम रूल लीग की शुरुआत की। 
1920: महात्मा गांधी ने असहयोग आंदोलन की शुरुआत की। 
1920: विद्वान, गणितज्ञ, दार्शनिक और भारतीय राष्ट्रवादी नेता बाल गंगाधर तिलक का निधन
1932: जानी मानी हिंदी फ़िल्म अभिनेत्री मीना कुमारी का जन्म। 
1953: क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति फिदेल कास्त्रो को गिरफ्तार किया गया।
1953: देश में सभी एयरलाइंसों का हवाई निगम अधिनियम के तहत राष्ट्रीयकरण किया गया। 
1957: नेशनल बुक ट्रस्ट की स्थापना। 
1960: पाकिस्तान की राजधानी कराची से बदलकर इस्लामाबाद कर दिया गया। 
1975: दुर्बा बनर्जी एक वाणिज्यिक यात्री विमान का संचालन करने वाली विश्व की पहली पेशेवर महिला पायलट बनीं। 
1995: हब्बल दूरबीन ने शनि के एक और चन्द्रमा की खोज की। 
2004: श्रीलंका ने भारत को हराकर क्रिकेट का एशिया कप जीता। 
2006: जापान ने दुनिया की पहली भूकम्प पूर्व चेतावनी सेवा शुरू की। 
2007: वियतनाम के हनोई शहर में आयोजित अंतरराष्ट्रीय गणित ओलम्पियाड में भारतीय दल के छ: सदस्यों ने तीन रजत पदक जीते।