सीता पूजा

त्याग और समर्पण की देवी - माँ जानकी

ई0 प्रभात किशोर भई प्रगट कुमारी भूमि-विदारी जनहितकारी भयहारी ।,अतुलित छबि भारी मुनि-मनहारी जनकदुलारी सुकुमारी ।। सुन्दर सिंहासन तेहिं पर आसन कोटि हुताशन द्युतिकारी ।, सिर छत्र बिराजै सखि संग भाजै निज-निज कारज करधारी ।। सुर सिद्ध सुजाना हनै निशाना...
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