गरीबों के अधिकार

गरीबों के हिस्से में कानून और अमीरों की झोली में न्याय

संविधान की चौखट पर बराबरी का वादा, लेकिन अदालत की दहलीज पर आर्थिक हैसियत क्यों बन जाती है इंसाफ का पैमाना? भारत का संविधान कहता है कि कानून की नजर में सभी नागरिक बराबर हैं। लेकिन जब यही कानून अदालतों,...
संपादकीय  स्वतंत्र विचार