जनसेवा और जवाबदेही

सुविधाएँ बढ़ीं, बजट बढ़ा, फिर भी व्यवस्था वहीं क्यों?

प्रो. आरके जैन “अरिजीत” शिकायतों की सूची लंबी है—अस्पताल में दवा नहीं, स्कूल में शिक्षक नहीं, सड़क पर रोशनी नहीं, कार्यालय में कर्मचारी नहीं। लेकिन सवाल हो कि जो है, वह काम कर रहा है या...
संपादकीय  स्वतंत्र विचार