शराबियों के आतंक से राहगीर परेशान, पुलिस बनी मूकदर्शक

महाराजगंज। पुरंदरपुर थाना क्षेत्र के कुछ सड़को पर आए दिन पियक्कड़ों से राहगीर खाशा परेशान है, जिसके वजह से आसपास के दुकानों से ग्राहकों ने दूरियां बना ली है। सरकारी शराब की दुकान मुख्य सड़कों से पांच सौ मीटर दूर होने का आदेश हवाहवाई साबित होता नजर आ रहा है, वहीं पुलिस शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र तक कानून व्यवस्था चाक चौबंद करने का दावा करती है। लेकिन शहर व ग्रामीण क्षेत्र के बाजारों की हालात इन दावों की पोल खोल रहे हैं।

जहां शाम ढलते ही बाजार की सड़कें मयखाने में तब्दील हो जाती हैं। अबकारी अधिनियम के तहत सार्वजनिक स्थल पर शराब पीना अपराध है। लेकिन पुलिस और अबकारी विभाग की मेहरबानी से पुरंदरपुर थाना क्षेत्र की सड़कों पर शराबियों द्वारा देर रात तक नियमों की धज्जियां उड़ाई जाती हैं।

पुरंदरपुर थाना क्षेत्र के रानीपुर, समरधीरा, हरैया रघुवीर, अमहवा, ताल्हि, समेत अन्य स्थानों पर शाम होते ही सड़कें मयख़ाने में तब्दील हो जाती हैं। चिकन मटन बेचने वालों से लेकर ठेले पर खोमचा लगाने वालों के पास सड़कों पर पीने वालों का दौड़ शुरू हो जाता हैं। सब कुछ जानने समझने के बावजूद ना तो आबकारी विभाग इस तरफ ध्यान देता और ना ही स्थानीय पुलिस रानीपुर, समरधीरा, हरैया रघुवीर की सड़क पर शाम के बाद आदमी शराबियों के आतंक से आने जाने से बचते हैं।

क्योंकि वहां देर रात तक जाम जैसी स्थिति बनी रहती हैं, और कुछ कहने पर शराबी झगडे पर आमदा हो जाते है। इन पियक्कड़ों की वजह से समरधीरा से रानीपुर व समरधीरा से हरैया रघुवीर मार्ग अक्सर शराबियों की वजह से जाम रहता हैं। शाम आठ बजे के बाद भी इन दुकानों में शराबी शराब व चिकन मटन खाते व पैग लड़ाते हुए देखे जाते हैं। और आबकारी विभाग की स्थिति यह है कि चिकन सेंटर की आड़ में वही बैठकर पीने वालों को देखकर नजर अंदाज करते रहते हैं। वहीं इन शराबियों की वजह से आम नागरिकों को आने जाने मे काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता हैं,

और आए दिन सड़को पर विवाद की स्थिति बनी रहती हैं। जिसका खामियाजा आसपास के अन्य दुकानदारों को भुगताना पडता है, ग्राहक भीड़भाड़ देखकर किनारा कस लेते हैं। कभी-कभी शराबी दुकानदारों से भी अभद्रता करने लगते हैं जिससे लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

बताया गया कि कुछ मनबढ़ शराबी खुलेआम घूम कर चौराहावासियों को गालियाँ भी देते हैं। लेकिन आबकारी विभाग व पुरंदरपुर पुलिस समस्या को नजर अंदाज करने पर आमदा है, अगर इन नशेड़ियों के विरुद्ध कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो किसी दिन घटित बड़ी घटना से इनकार नहीं किया जा सकता।