आत्मा परमात्मा और दिव्य ज्ञान सत्संग से ही संभव:अनूप ठाकुर

आत्मा परमात्मा और दिव्य ज्ञान सत्संग से ही संभव:अनूप ठाकुर

हरदोई।

जिले के थाना लोनार के ग्राम असलापुर में गुरू पूर्णिमा पर अनूप ठाकुर जी महाराज के पावन सानिध्य में किया गया।एक दिवसीय सत्संग समारोह प्रवचन एवं विशाल भण्डारें का आयोजन

जिसमें महाराज श्री के श्री मुख से प्रवचन सुनने व आशीर्वाद ग्रहण करने के लिए अनेकानेक प्रान्तों एवं जिलों से आए महाराज श्री के शिष्य एवं भक्तों ने आकर महाराज श्री का पूजन अर्चन वंदन आरती कर प्रवचन को श्रवण किया महाराज श्री ने अपने श्री मुख से सत्संग सुनाते हुए बताया कि  गुरु का मतलब होता है गु माने अन्धकार रू माने प्रकाश जो अन्धकार से निकालकर प्रकाश की ओर ले जाये वही है सच्चा गुरु बिना गुरु के किसी भी प्रकार से भव सागर को पार नहीं किया जा सकता है 

गुरु बिन भव निधि तरई ना कोई जो बिरंचि शंकर सम होई

चाहें ब्रम्हा विष्णु शंकर जी क्यों ना हो लेकिन बिना गुरु के भव सागर से पार नहीं हो सकतें हैं तीन लोक नौ खण्डं चौदह भुवनों में गुरू से बढ़कर कोई नहीं है 

तीन लोक नौ खण्डं में गुरू से बड़ा न कोय ' कर्ता करें न करि सकें गुरु करें सो होय* जो अपने गुरु के चरणों की रज कण को अपने मस्तक पर लगाते हैं वो मनुष्य दुनिया के सकल वैभव अपने वश में कर लेते हैं।

जे गुरु चरन रेनु सिर धरहिं ते जन सकल विभव वश करहिं

 महाराज श्री ने कहा जो अपने गुरु की वंदना करते हैं सुमिरन करतें हैं और गुरू के बताये हुए मार्ग पर चलते हैं उनको आत्मा परमात्मा एवं दिव्य दृष्टि का ज्ञान हो जाता है और जन्म मरण के चक्र से मुक्त हो कर अपने परम धाम सत्यलोक अनामी धाम अमर पद में चलें जातें हैं दुबारा इस मृत्युलोक में आना नहीं होता है

महाराज श्री ने अध्यात्म दृष्टि पर प्रकाश डालते हुए श्रोताओं को सत्संग श्रवण कराया और श्रद्धेय श्री अनूप ठाकुर जी महाराज ने आने वाले श्रावण मास की समस्त श्रध्दालुओं को शुभकामनाएं देते हुए सत्संग समारोह को विश्राम दिया आयोजन को सफल बनाने में महाराज श्री के शिष्य नितिन पाठक रीतेश सिंह अतुल चौहान शशिकांत यादव जी कार्यक्रम के आयोजक श्री रामपाल सिंह समेत काफी मात्रा में ग्रामवासी एवं भक्तगण मौजूद रहें।

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