फोमाइट देश में महामारी की स्थिति पैदा कर सकती है-डाॅ. ह्यूमन

    हरदोई।कोरोनावायरस को लेकर आज जहां अतर्राष्ट्रीय आपातकाल लागू हो चुका है और देश लाॅकडाउन की ओर बढ़ रहा है, वहीं इस रोग को लेकर आज भी लोग गम्भीर नहीं हुए है। आज जहां सामाजिक दूरियों की बात की जा रही है वहीं फोमाइट के जरिये कोरोनावायरस आपके घर में आसानी से प्रवेश कर सकता है।

रिसर्च के निदेशक डाॅ. इरफान ह्यूमन ने कोरोनावायरस के संबंध में बताया कि आज किसी जीवित वैक्टर से अधिक फोमाइट जैसी ग़ैर जीवित चीजें ख़तरनाक हैं। आज प्रत्यक्ष संक्रमण से तो लोगों को आगाह किया जा रहा है लेकिन लोग अप्रत्यक्ष संपर्क संचरण में भाग लेने वाले रोगजनक फोमाइट से अनजान हैं। उन्होंने बताया कि प्रदूषित कपड़े, पेपर नेपकिन, चाट-पकौड़ी के दौने, उपयोग के बाद फेके गये मास्क, चिकित्सीय कूड़ा आदि फोमाइट के उदाहरण हैं, जिनको लेकर हम अब भी गम्भीर नहीं हुए हैं।

उन्होंने कहा कि कूडे़ में फेंके गये मास्क और नेपकिन आदि जहां एक ओर हमें संक्रमित कर सकते हैं, वहीं दूसरी ओर इन्हें गाय-बकरी जैसे मवेषी खा सक समस्या में पड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि स्थिति से निपटने के लिए जनता कर्फ्यू के अलावा लोगों को फोमाइट के प्रति भी जागरूक रहना होगा, जो कोरोनावायरस को किसी भी स्वस्थ व्यक्ति तक आसानी से पहुंचा सकते हैं। उन्होंने कहा कि झोलाछाप डाक्टरों पर भी शिकंजा कसा जाना चाहिए क्योंकि अधिकांश डाॅक्टरों के पास मेडिकली उपकरणों को विसंक्रमित करने की तकनीक उपलब्ध नहीं रहती,

ऐसे में वे किसी भी स्वस्थ व्यक्ति को संक्रमित कर सकते हैं। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज जहां देश महासंक्रमण की स्थिति से गुजर रहा है, वहीं शहर-गांव की हर गली-सड़क पर ठेला लगाकर खुली चाट-पकौड़ी और नाॅनवेज बेचने वालों पर कड़ी कार्यवाही करते हुए ऐसे खाघ पदार्थों को जनहित में तुरन्त नष्ट किया जाना चहिए अन्यथा स्थिति गम्भीर होते देर नहीं लगेगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here