लॉकडॉउन में ऑनलाइन ऐप से पढ़ाई वर्चुअल लैब से विज्ञान के प्रैक्टिकल

लॉकडॉउन में ऑनलाइन ऐप से पढ़ाई और वर्चुअल लैब से घर बैठे करें विज्ञान के प्रैक्टिकल

Sushil Kumar Dwivedi

संकट के कारण स्कूल कॉलेज यूनिवर्सिटीज बंद हैं जिसके कारण विद्यार्थियों की रेगुलर पढ़ाई प्रभावित हुई है उनके रेगुलर स्टडी से संबंधित कंटेंट एवम् उनसे  जुड़े प्रयोग बंद हो गए हैं लेकिन ऐसी स्थिति में विद्यार्थी  भारत सरकार के डिजिटल इंडिया मिशन के अन्तर्गत निर्मित वर्चुअल  लैब पोर्टल और ई लर्निंग प्लेटफॉर्म की मदद से अपनी पढ़ाई जारी रख सकते हैं । वर्चुअल लैब पोर्टल का निर्माण  एम एच आर डी द्वारा भारत सरकार के विभिन्न संस्थानों के संसाधनों की मदद किया गया  । वर्चुअल लैब की मदद से प्योर साइंस व इंजीनियरिंग के स्टूडेंट्स किसी भी समय अपनी सुविधानुसार  ऑनलाइन प्रैक्टिकल कर सकते हैं ।

टीचर्स भी क्लास में वर्चुअल लैब के माध्यम से टिपिकल टॉपिक्स पर क्लास रूम में बेहतर तरीके से टॉपिक्स को क्लीयर कर सकते हैं  वर्चुअल लैब के माध्यम से कोई भी टेक्नीकल इंस्टीच्यूट, साइंस स्ट्रीम के स्टूडेंट्स के लिए कैंपस में लैब व प्रैक्टिकल के लिए ग्लोबल लेवल का प्लेटफॉर्म करा सकता है । वर्चुअल लैब के लिए स्टूडेंट्स को www.vlab.co.in पर जाकर अपना लॉगिन बनाना होगा। लॉगिन बनने के बाद स्टूडेंट्स ऑनलाइन प्रैक्टिकल कर सकते हैं। इस पोर्टल पर कोई भी प्रैक्टिकल करेगा, तो उसे टू डी डायमेंशनल दिखेगा। प्रैक्टिकल के बाद ग्राफ आदि के माध्यम से भी रिजल्ट दिखेगा। यह पूर्णतः फ्री  सुविधा, 24ब्x7 सुविधा उपलब्ध रहती है ।

विज्ञान संचारक और मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय अविष्कार अभियान में संसाधक सुशील द्विवेदी के अनुसार  आईआईटी दिल्ली, रुड़की, कानपुर, हैदराबाद, मुम्बई, चेन्नई, खड़गपुर, गुवाहाटी, अमृता विश्वविद्यालय, दयालबाग विश्वविद्यालय, एनआईटी कर्नाटक एवं सीओई पुणे के सहयोग से यह वर्चुअल लैब तैयार किया गया है। इसमें कक्षा 6 से परास्नातक कक्षाओं के छात्र इंटरनेट  और मोबाइल या कंप्यूटर के माध्यम से किसी भी समय अपनी सुविधानुसार  इलेक्ट्रानिक्स एंड कंप्यूटर इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, फिजिकल साइंस, सिविल इंजीनियरिंग, बायोटेक्नोलॉजी, बायोइन्फरमेटिक्स बायोमेडिकल, केमिकल इंजीनियरिंग की सजीव प्रयोगशाला में प्रयोग कर सकते हैं।

उनके अनुसार वर्चुअल लैब से निम्न लाभ हैं–देश के प्रीमियर इंस्टीच्यूट में प्रैक्टिकल को लाइव देख सकते हैं।वर्चुअल लैब  वेब पोर्टल पर दो हजार से ज्यादा प्रैक्टिकल उपलब्ध।कांप्लेक्स टॉपिक पर लाइव क्लास टीचिंग का प्रदर्शनबेसिक व एडवांस के नए रिसर्च के बारे में लगातार अपडेट जानकारीस्टेट के टेक्नीकल इंस्टीच्यूट्स में लैब की कमजोर सुविधा की कमी को पूरा करेगाप्रीमियर इंस्टीच्यूट्स में रीयल टाइम में प्रैक्टिकल को लाइव देखा जाएगा
उच्च शिक्षा: ‘स्वयं’ ‘निष्ठा’ से समझें, स्वयं प्रभा से परखेंhttps://swayam.gov.in/


‘निष्ठा’ एक समेकित शिक्षक प्रशिक्षण और मोबाइल एप है। इस पर डाइट, डीएलएड के शिक्षक और शिक्षण प्रशिक्षक सभी कोर्स मॉड्यूल, वीडियो, ऑडियो और अन्य कंटेंट कभी भी देख सकते हैं। ‘स्वयं’ ऑनलाइन लर्निंग प्लैटफॉर्म पर पर 9 वीं कक्षा से लेकर स्नाताकोतर तक के कोर्स पाठ्यक्रम संबंधित कंटेंट उपलब्ध हैं। इन कंटेंट को कोई भी, कही भी और किसी भी समय देखा जा सकता है। खास बात यह कि  देशभर से विशेष रूप से चुने गए लगभग 1000 शिक्षकों एवं व्याख्याताओं ने मिलकर  इन पाठ्यक्रमों को बनाया।स्वयंप्रभा डी टी एच सेवाभारत सरकार के द्वारा डिजिटल इंडिया के अंतर्गत सभी छात्र-छात्राओं को शिक्षा प्रदान करने का प्लेटफ़ॉर्म है

  इसे  MHRD और AICTE ने भी संयुक्त रूप से स्वयंप्रभा के अंतर्गत ‘Direct-to-home’ 32 TV channel service है जहाँ SWAYAM के सभी courses के video tutorials TV पर प्रसारित किये जाते है| यह channels केवल DD फ्री डिश और DISH टीवी पर ही उपलब्ध है। SWAYAM Prabha channels TATA Sky, AIRTEL या Videocon DTH service providers पर उपलब्ध नहीं हैं। इसकी मदद से छात्र ज्ञान अर्जन के साथ ही अपनी प्रोडक्टिविटी और क्रिएटिविटी को भी बढ़ा सकते हैं।
एन सी ई आर टी पाठ्यक्रम पुस्तकें – http://ncert.nic.in/ebooks.htmlराष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद द्वारा कक्षा एक से कक्षा बारह तक के हिंदी एवं ,अंगरेजी माध्यम   के विद्यार्थियों हेतु निशुल्क पुस्तकें इ बुक्स के रूप मैं  उपलब्ध हैं कोई भी इन्हें निशुल्क डाउनलोड कर अध्ययन कर सकता है


एन पी टी ई एल  -( https://onlinecourses.nptel.ac.in.)नेशनल प्रोग्राम ऑन टेक्नोलॉजी एन्हांस्ड लर्निंग, भारत सरकार का यह प्रोग्राम 2007 से चल रहा है। आईआईटी के प्रोफेसर, एवं  इंडियन इस्टीट्यूट ऑफ साइंस बेंगलुरू के प्रोफसरों ने मिलकर इसके तहत कई ऑनलाइन कोर्स तैयार किए हैं।अंग्रेज़ी से लेकर एविएशन तक का कोर्स यहां से किया जा सकता है। एक से एक धुरंधर प्रोफेसरों के लेक्चरों को यू-ट्यूब से डाउन लोड कर सकते हैं। आप चाहें तो इम्तहान देकर सर्टिफिकेट भी हासिल कर सकते हैं।आई आई टी मद्रास इसका सेंटर है, वहीं से इस कार्यक्रम को संचालित किया जाता है। NPTEL ने विद्यार्थियों की सुविधा हेतु  875 से भी ज्यादा कोर्सेज तैयार कर रखे हैंई-पीजी पाठशाला https://epgp.inflibnet.ac.in/


यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (यूजीसी) ने  स्टूडेंट्स के लिए पोस्ट ग्रेजुएशन के किसी भी कोर्स संबंधी कोई टॉपिक पढ़ना ई- पढने हेतु ई पीजी पाठशाला शुरू की है। विद्यार्थियों को  सारे कंटेंट एक क्लिक पर बिना किसी ताम झाम के अवलेबल होंगे। । जिनके पास नोट्स नहीं हैं या फिर टीचर नहीं हैं। ऐसे स्टूडेंट्स रिवाइज्ड सिलेबस (करेंट के एकार्डिग) पर बेस संबंधित कोर्स के टॉपिक को ई पीजी पाठशाला पर ऑनलाइन पढ़ सकते हैं। पाठशाला ने पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्स के 77 विषयों का कंटेंट तैयार और जेनरेट किया है।


नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी ऑफ़ इंडिया –(https://ndl.iitkgp.ac.in/)भारतीय भाषाओं एवं अंग्रेजी की पुस्तकों को आनलाइन उपलब्ध कराने का एक प्रकल्प है। यह भारतीय विज्ञान संस्थान द्वारा क्रियान्वित है तथा इसमें ‘मिलियन बुक प्रोजेक्ट’ भी सहभागी है


स्कूली शिक्षा: दीक्षा व ई-पाठशाला को समझें गुरु


दीक्षा एप में स्कूल सिलेबस से जुड़ी साम्रगी मिलेगी। हाल ही में सीबीएसई ने भी दीक्षा एप पर ई-कंटेंट भी लांच किया है। छठी से दसवीं तक के विद्यार्थियों को अलग-अलग ई-कंटेंट के जरिये पढ़ाई में मदद मिलेगी। साथ ही सातवीं से दसवीं तक के बच्चों के लिए क्रिएटिव और क्रिटिकल थिंकिंग डेवलप करने के लिए प्रश्न बैंक भी इसमें उपलब्ध है। ई-पाठशालाइस वेब पोर्टल और मोबाइल एप को एनसीईआरटी ने डिजाइन किया है। इसमें 1886 ऑडियो साम्रगी, 2000 वीडियो, 696 ई- बुक्स और 504 फ्लिप बुक्स उपलब्ध हैं। साथ ही 11वीं और 12वीं के लिए रोचक ई-कंटेंट भी उपलब्ध है।

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