दलालों के सामने नतमस्तक है उत्तर प्रदेश पुलिस

दलालों के सामने नतमस्तक है उत्तर प्रदेश पुलिस
लखनऊ, उत्तर प्रदेश
 दरअसल यह मामला किसी व्यक्ति विशेष का न होकर आम जनता से जुड़ा हुआ है। जिसकी वजह से कुछ आम नागरिक जो गरीब असहाय और कमजोर वर्ग के हैं तथा जिसका किसी उच्च अधिकारियों से पकड़ नही है वे न्याय पाने से पूर्णतया वंचित ही नहीं बल्कि पूरी तरह से शोषण का शिकार हो रहे है । मगर सरकार की निगाहें इन समस्याओं पर नहीं पड़ रही। जिसकी वजह से एक आम नागरिक बेबस होकर कहीं आत्महत्या तो कहीं शोषण का शिकार होता जा रहा है ,फिर भी उसे किसी भी प्रकार का न्याय नहीं मिल पाता और दलाल या दबंग किस्म के लोग गरीब जनता के खून पसीने की कमाई से मलाई काट रहे हैं ।
               आज के समय में यह समस्या दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है। आम जनता की समस्याओं को दूर करने के लिए ही पुलिस विभाग को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है मगर वही पुलिस दलालों के साथ मिलकर बीच-बिचौलिया करके गरीब व कमजोर वर्ग के लोगों को न्याय दिलाने की बात तो दूर रही उल्टा उन्हीं को डराया और धमकाया जाता है तथा फर्जी मुकदमे में फंसाकर परेशान करने की धमकी भी दी जाती है जिससे गरीब व आम जनता हताश व परेशान होकर अपने घर बैठ जाता है और दबंग किस्म के लोग उनका भरपूर शोषण करते रहते हैं ।
           आज उत्तर प्रदेश के प्रत्येक थानों पर कुछ फिक्स दलाल किस्म के लोगों को सामान्यतया देखा जा सकता है। जो मामलों को धन के बदौलत हल कराने में माहिर होते हैं तथा मौका मिलने पर धन उगाही की नियत से शरीफ तथा भोले भाले लोगों पर फर्जी मुकदमा दर्ज करवा कर उन्हें परेशान करके मोटी रकम वसूलने में भी पीछे नहीं हटते ।
           सबसे दिलचस्प बात तो यह है कि उन्हीं दलाल लोगों का आवाभगत सेवा सत्कार भी उन्हीं थानों पर धूमधाम से किया जाता है ।और हो भी क्यों न क्योंकि उसी धन उगाही में उनका भी तो अच्छा खासा शेयर जो होता है। तथा उन्हीं के सामने समाज में शिक्षित वर्ग के लोगों तथा ईमानदार लोगों को कोई पूछता तक भी नहीं तथा मौका मिलने पर पुलिस सम्मान देने के बजाय उन्हें बेइज्जत करने से भी पीछे नहीं हटती ।जिससे एक भला इंसान थानों पर जाने से पहले सैकड़ों बार सोचने के लिए इसलिए मजबूर हो जाता है कि कहीं उसे अपनी समस्या हल करने के बजाय उल्टा खामियाजा  न भुगतना पड़ जाए क्योंकि उत्तर प्रदेश पुलिस अब दलालों के ऊपर पूरी तरह मेहरबान होती जा रही है ।
       सबसे बड़ी बात तो यह है कि रक्षक से भक्षक बनी उत्तर प्रदेश पुलिस से आम जनता का विश्वास अब टूटता जा रहा है। गरीब, कमजोर वर्ग के लोगों की सुरक्षा के बजाय उन्हीं का शोषण करने में पुलिस दिन रात लगी हुई प्रतीत होती है। दलाल तथा दबंग किस्म के लोगों को अधिकतर पुलिस वालों के साथ दुआ सलाम आदर सत्कार प्रायः देखा जा सकता है  । यदा-कदा उनके इस स्वरूप को सोशल मीडिया के माध्यम से भी देखा जा रहा है।
एक और समस्या इस वक्त लोगों के बीच बढ़ती जा रही है जिसमें अधिकतर फर्जी तथा दलाल किस्म के पत्रकारों को भी पुलिस वालों से गठबंधन होते प्रायः देखा जा सकता है जो प्रतिष्ठित पत्रकारिता को बदनाम करने के साथ-साथ दिन-रात पुलिस वालों की जी हजूरी करने में लगे रहते हैं ऐसे लोग देश के चौथे स्तंभ को कलंकित करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे ।जिसकी वजह से आज का शिक्षित एवं प्रतिष्ठित पत्रकार अपनी मान मर्यादा बचाने के लिए इन गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है ।
           यही हाल पुलिस विभाग का भी है जहां पर आज भी कई ऐसे ही ईमानदार एवं प्रतिष्ठित अधिकारी हैं जो अपनी हनक और मेहनत के बल पर भ्रष्टाचार को दूर करने में लगे हुए हैं मगर उनकी संख्या बहुत ही कम होने के कारण गेहूं के साथ घुन पीसे जाने वाली कहावत चरितार्थ हो रही है।

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