भलुआ टोला में स्कूल चलो अभियान के तहत निकाली गई जागरूकता रैली , रैली के माध्यम से बच्चों को शिक्षा से जोड़ने का संयुक्त प्रयास
कबाड़ बिन वाले बच्चे जब जाएंगे स्कूल, तब स्कूल चलो अभियान होगा पूरा- दयालु
ओबरा / सोनभद्र -
मंगलवार को राष्ट्रीय नव निर्माण सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष आनन्द पटेल दयालु एवं शिक्षा खंड शिक्षा अधिकारी लोकेश कुमार मिश्र के नेतृत्व में स्कूल चलो अभियान के तहत जागरूकता रैली निकाली गई। रैली का नेतृत्व खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा किया गया। परिषदीय विद्यालयों में 06 से 14 वर्ष के समस्त बच्चों शत प्रतिशत नामांकन हेतु विकास खंड चोपन के भलुआ टोला में समुदाय के बीच डोर टू डोर नामांकन अभियान चलाया गया।अभियान में विकास खंड चोपन के समस्त एआरपी वंशदीप,प्रशांत एवं ज्ञान प्रकाश के साथ प्प्राथमिक विद्यालय भलुआ टोला,बिल्ली प्रथम के सभी शिक्षक शिक्षा मित्र द्वारा नामांकन में सहयोग किया गया और डोर टू डोर कार्यक्रम में समुदाय से संपर्क द्वारा कुल 51 बच्चे नामांकन हेतु चिह्नित किए गए।चिह्नित 51 बच्चों में से कुल 20 बच्चों का नामांकन किया गया।

शेष का नामांकन आगामी वर्किंग डे पर किया जाएगा।समुदाय को बच्चों को विद्यालय में शासन द्वारा उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी देते हुए बताया गया कि शिक्षा विभाग द्वारा बच्चों को निःशुल्क यूनिफॉर्म,स्वेटर,जूते मोजे, स्कूल बैग हेतु डीबीटी से 1200/- निःशुल्क पाठ्य पुस्तक, निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर,गरमा गर्म मध्याह्न भोजन,प्रत्येक बुधवार को दूध, सोमवार को फल दिया जाता है । अभिभावकों से अपील किया कि अपने पात्र पाल्यो का नजदीकी विद्यालय में नामांकन अवश्य कराएं।शिक्षा हर बच्चे का अधिकार है।जिसमें बच्चे के मां और पिता की महत्वपूर्ण भूमिका होती है ।

रैली के बाद आनन्द पटेल दयालु के नेतृत्व में भलुआ टोला में विशेष अभियान चलाया गया, जहां ऐसे बच्चों पर फोकस किया गया जो कबाड़ बिनते हैं, स्कूल नहीं जाते हैं या दुकानों पर काम करते हैं। इन बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए घर घर जाकर समझाया गया और अभिभावकों से संवाद स्थापित किया गया।बच्चों को बताया गया कि शिक्षा ही उनके उज्ज्वल भविष्य की कुंजी है और मजबूत भारत की नींव यही बच्चे हैं। यदि ये बच्चे स्कूल जाएंगे तो वे न केवल खुद का भविष्य सुधारेंगे बल्कि देश के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
Read More महामंडलेश्वर किरन नंदगिरी का मानवीय चेहरा, दुद्धी में बुजुर्ग असहाय की मदद कर पेश की मिसालजिसके क्रम में दयालु ने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल रैली निकालना नहीं है बल्कि हर उस बच्चे को स्कूल तक पहुंचाना है जो आज भी शिक्षा से वंचित है। जब तक भलुआ टोला का हर बच्चा स्कूल नहीं जाएगा तब तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा। शिक्षा ही वह ताकत है जो बच्चों को आत्मनिर्भर और जागरूक नागरिक बनाती है, इसलिए हम हर हाल में बच्चों को मुख्य धारा से जोड़ेंगे।वहीँ खंड शिक्षा अधिकारी ने कहा कि सरकार द्वारा चलाए जा रहे स्कूल चलो अभियान का उद्देश्य हर बच्चे को शिक्षा से जोड़ना है।
इसके लिए विभाग पूरी तरह प्रतिबद्ध है और समाज के सहयोग से ही यह अभियान सफल होगा। अभिभावकों को चाहिए कि वे अपने बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजें ताकि उनका भविष्य सुरक्षित हो सके।बच्चों से कहा गया कि पढ़ाई से ही जीवन में आगे बढ़ने का रास्ता खुलता है। स्कूल जाने से ज्ञान, समझ और आत्मविश्वास बढ़ता है। जो बच्चे आज पढ़ाई से दूर हैं उन्हें आगे बढ़कर स्कूल जाना चाहिए और अपने सपनों को साकार करना चाहिए।इस दौरान अध्यापकों के साथ मुख्य रूप से संतोष कनौजिया प्रदेश उपाध्यक्ष, सोनी खान प्रदेश अध्यक्ष महिला, जनाब शरीफ खान, विकास कुमार गौड़ प्रदेश सचिव सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।


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