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पूर्ति लिपिक के खिलाफ खाद्य एवं रसद मंत्री से हुई शिकायत लेकिन कोई ठोस कार्रवाई न होना प्रशासन की विफलता है
डीएसओ कार्यालय में 18 वर्षों से तैनात पूर्ति लिपिक नवीन चौधरी को हटाने की मांग
बस्ती। बस्ती जिले के आपूर्ति विभाग के बाबू नवीन कुमार चौधरी पिछले 18 सालों से एक ही पटल पर नौकरी कर रहे हैं कई बार शिकायत होने के बावजूद भी कार्रवाई न होना जिला प्रशासन के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है मंत्री खाद्य एवं रसद (आपूर्ति) विभाग उत्तर प्रदेश शासन लखनऊ से बस्ती जिले के एक वरिष्ठ भाजपा नेता ने जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय में तैनात पूर्ति लिपिक नवीन चौधरी की लम्बी तैनाती को लेकर शिकायत किया है और तत्काल मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कर स्थानांतरित करने की मांग की गई है ।
पूर्ति लिपिक पर आरोप है कि पूर्ति लिपिक नवीन चौधरी दिनांक- -04-12-2007 से लेकर अद्यतन से एक ही पटल पर रह कर मलाई काट रहा है पूर्ति लिपिक का स्थानांतरण नीति के अनुसार स्थानांतरण होना न्यायहित में आवश्यक है।
आपको बता दें कि जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार एवं अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच हेतु खाद्य एवं रसद मंत्री से लिखित शिकायत की गई है और शिकायत पत्र में लिखा गया है कि जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय में लंबे समय से गंभीर अनियमितताओं एवं भ्रष्टाचार के आरोप लगातार सामने आ रहे हैं।
जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय में तैनात पूर्ति लिपिक नवीन चौधरी विगत 18 वर्षों से एक ही स्थान पर कार्यरत है जो (वर्तमान समय में तहसील हर्रैया आपूर्ति कार्यालय से सम्बद्ध) है लेकिन आपूर्ति कार्यालय हर्रैया में डियूटी करने के बजाए जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय में पूरा दिन जमा रहता है और सभी कार्यों में मनमानी कार्य करता है जिससे उसके प्रभाव और कार्यशैली को लेकर कई गंभीर प्रश्न खड़े हो रहे हैं।
स्थानीय स्तर पर यह भी आरोप है कि एक कथित निजी व्यक्ति (प्राइवेट मुंशी) प्रवीण कुमार के माध्यम से कोटेदारों एवं अन्य संबंधित लोगों से अवैध वसूली भी करवाता है। यह भी कहा जा रहा है कि बिना अवैध लेन-देन के कोई कार्य सुचारू रूप से नहीं हो पाता है जिससे आम जनता और पात्र लाभार्थियों को सरकार की योजनाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है।
राशन कार्ड बनवाने या यूनिट बढ़ाने के बाद पर राशन कार्ड धारकों से मोटी रकम ऐंठता है यह स्थिति अत्यंत चिंताजनक है क्योंकि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) जैसी महत्वपूर्ण योजना सीधे गरीब और जरूरतमंद वर्ग से जुड़ी है। यदि इस प्रकार की अनियमितताएं जारी रहेगी तो सरकार की साफ सुथरी छवि पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा ।
उक्त प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। जांच के दौरान संबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों को आवश्यकतानुसार हटाकर निष्पक्षता सुनिश्चित की जाए। दोषी पाए जाने पर कठोर से कठोर कार्रवाई की जाए। जनपद में पारदर्शी एवं जवाबदेह व्यवस्था स्थापित की जाए, जिससे पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का पूरा लाभ मिल सके।
भाजपा नेता ने कहा कि हमें पूर्ण विश्वास है कि जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा इस गंभीर प्रकरण का संज्ञान लेकर शीघ्र उचित कार्रवाई करेंगे।
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