ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन ने पीएम, सीएम व डीएम को सौंपा ज्ञापन

बिजली विभाग की लापरवाही पर गूंजा विरोध, पत्रकार की मौत पर आक्रोश, पत्रकार की मौत पर बड़ा बवाल, 15 दिन का अल्टीमेटम

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गोंडा। जनपद गोंडा में हाईटेंशन लाइन का तार टूटने से एक पत्रकार की दर्दनाक मौत के बाद मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। गुरुवार को ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के बैनर तले मंडल अध्यक्ष अनिल कुमार द्विवेदी व जिलाध्यक्ष प्रदीप तिवारी के नेतृत्व में जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया। संगठन ने इस हादसे के लिए बिजली विभाग की घोर लापरवाही को जिम्मेदार ठहराते हुए इसे प्रशासनिक विफलता करार दिया है।
 
ज्ञापन में संगठन ने सात सूत्रीय मांगें रखते हुए मृतक पत्रकार के परिवार को ₹1 करोड़ मुआवजा देने तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी प्रदान करने की मांग की है। इसके साथ ही जिले की जर्जर बिजली लाइनों को अंडरग्राउंड कराने, दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारों को दंडित करने की मांग उठाई गई है।
 
संगठन ने यह भी कहा कि जांच टीम से पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारियों को हटाकर स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए। इसके अलावा पत्रकारों के लिए आयुष्मान कार्ड बनवाकर स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने, जनपद स्तर पर पत्रकारों के साथ नियमित मासिक बैठक आयोजित कर समस्याओं के समाधान तथा सूचना विभाग द्वारा पत्रकारों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी मांग की गई है।ज्ञापन में यह भी शामिल है कि समाचार प्रकाशित होने के बाद संबंधित विभागों द्वारा संज्ञान लेकर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और पत्रकारों को उचित सम्मान दिया जाए।
 
जिलाध्यक्ष प्रदीप तिवारी ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 15 दिनों के भीतर मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो संगठन गांधीवादी तरीके से जिलाधिकारी कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन और व्यापक आंदोलन करेगा। वहीं मंडल अध्यक्ष अनिल कुमार द्विवेदी ने कहा कि पत्रकार हितों के मुद्दे पर किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
 
ज्ञापन देने वालों में श्रीनाथ रस्तोगी, राकेश दत्त राम पांडेय, योगेश पांडेय, दीपक कौशल, रामकुमार कौशल, जयदीप शुक्ला, शिवकुमार पांडेय, अखिलेश त्रिपाठी, मुन्ना लाल पांडेय, पंडित बागीश तिवारी, डॉ. अरुण सिंह, हेमंत पाठक, ज्ञानेंद्र चौधरी, राज शुक्ला, मोहनलाल चौहान, जोगिंदर प्रसाद दुबे, राजकुमार तिवारी, आशीष श्रीवास्तव, विजय बिहारी विश्वकर्मा, शोएब अख्तर, मनोज कुमार मिश्रा, सुनील कुमार शुक्ला, गुरबचन शर्मा, कृष्ण शर्मा, आत्माराम शुक्ला, पंकज पांडेय, विपिन तिवारी, अतुल यादव, अशोक कुमार पाठक, श्रीप्रकाश शुक्ला सहित सैकड़ों पत्रकार मौजूद रहे।
 
15 दिन में सुधार नहीं तो होगा आंदोलन
ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष प्रदीप तिवारी ने बिजली विभाग के अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 15 दिनों के भीतर व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर संबंधित अधिकारियों के कार्यालयों का घेराव कर ताला तक लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह क्षति अपूरणीय है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त कदम उठाना जरूरी है।

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