8 दशकों तक छाई रहीं Asha Bhosle, 92 की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा
12,000 गीतों की विरासत छोड़ गईं Asha Bhosle
सुरों की जादूगरनी Asha Bhosle का निधन, संगीत जगत में शोकमुंबई। भारतीय संगीत जगत के स्वर्णिम युग की पहचान रही दिग्गज पार्श्व गायिका Asha Bhosle का 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके जाने से संगीत जगत में शोक की लहर है और एक युग का अंत माना जा रहा है। अपनी बहुमुखी प्रतिभा और अनूठी गायकी से उन्होंने आठ दशकों तक संगीत प्रेमियों के दिलों पर राज किया।
संघर्ष से शुरू हुआ सुनहरा सफर
8 सितंबर 1933 को महाराष्ट्र के सांगली में जन्मीं आशा भोसले, महान शास्त्रीय गायक Deenanath Mangeshkar की पुत्री थीं। महज 9 वर्ष की उम्र में पिता के निधन के बाद उन्होंने अपनी बड़ी बहन Lata Mangeshkar के साथ परिवार की जिम्मेदारी संभाली और फिल्मों में गायन शुरू किया। 1943 में मराठी फिल्म माझा बाल से पहला गीत रिकॉर्ड करने के बाद, 1948 में हिंदी फिल्म चुनरिया के गीत “सावन आया” से उन्होंने बॉलीवुड में कदम रखा।
हर शैली में बिखेरा जादू
Read More पुलिस थानों में काम कर रहे सीसीटीवी की कमी पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय गृह सचिव को तलब कियाआशा भोसले की पहचान उनकी बहुमुखी आवाज रही। उन्होंने फिल्म संगीत, पॉप, शास्त्रीय, भजन, ग़ज़ल, कव्वाली और रवींद्र संगीत सहित अनेक विधाओं में महारत हासिल की। उन्होंने 20 से अधिक भाषाओं में 12,000 से ज्यादा गाने गाकर एक अद्वितीय रिकॉर्ड बनाया। संगीत के स्वर्णिम दौर में उन्होंने Mohammed Rafi, Kishore Kumar और R. D. Burman जैसे दिग्गजों के साथ मिलकर कई अमर गीत दिए।
सम्मान और उपलब्धियां
आशा भोसले को उनके अतुलनीय योगदान के लिए अनेक प्रतिष्ठित पुरस्कारों से नवाजा गया, जिनमें शामिल हैं—Dadasaheb Phalke Award (2000)
Padma Vibhushan (2008)
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार (उमराव जान – “दिल चीज क्या है”, इजाजत – “मेरा कुछ सामान”)
हर दौर में बनी रहीं प्रासंगिकउनकी गायकी का दायरा बेहद व्यापक था— जहां एक ओर “इन आंखों की मस्ती” जैसी ग़ज़लें थीं, वहीं “पिया तू अब तो आजा” और “ये मेरा दिल” जैसे ऊर्जावान गीत भी उतने ही लोकप्रिय रहे। 90 के दशक में भी उन्होंने A. R. Rahman के साथ “रंगीला रे” और “तन्हा तन्हा” जैसे गीतों के जरिए नई पीढ़ी को आकर्षित किया। 2013 में फिल्म माई में अभिनय कर उन्होंने अपनी प्रतिभा का एक और आयाम प्रस्तुत किया।
वैश्विक पहचान
आशा भोसले की लोकप्रियता सीमाओं से परे थी। 1997 में ब्रिटिश बैंड Cornershop ने उनके सम्मान में “Brimful of Asha” गीत रिलीज किया, जो यूके चार्ट्स में शीर्ष पर पहुंचा।
अमर रहेंगी आशा की आवाज
Asha Bhosle भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी जादुई आवाज, सदाबहार गीत और अनमोल योगदान हमेशा संगीत प्रेमियों के दिलों में जीवित रहेंगे।


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