मधु किश्वर का पीएम पर फिर हमला- उस फाइल में मोदी के खिलाफ क्या था, अफसर कौन था

 रिटायरमेंट के बाद भी सेठ को एक और पुरस्कार के रूप में सार्वजनिक उपक्रम चयन बोर्ड (PESB) का अध्यक्ष बना दिया गया

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ब्यूरो प्रयागराज- बीजेपी और मोदी समर्थक मानुषी पत्रिका की संस्थापक संपादक प्रो. मधु किश्वर ने प्रधानमंत्री पर गुरुवार 2 अप्रैल को फिर हमला बोला है। इस बार उन्होंने मोदी से जुड़ी गोपनीय फाइल और एक आला अफसर का जिक्र किया है। पिछली बार महिलाओं को लेकर बोला था।

मधु किश्वर ने गुरुवार को एक्स पर एक लंबे ट्वीट में लिखा है- यह चौंकाने वाली जानकारी मुझे एक ऐसे व्यक्ति से मिली है, जिसके पास प्रधानमंत्री के बारे में अंदरूनी सूचनाओं का अच्छा-खासा भंडार है। मूल तथ्यों की पुष्टि कोई भी व्यक्ति साधारण गूगल सर्च के जरिए कर सकता है।

जिस दिन नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली, उसी दिन मनमोहन सिंह के 2011 से कैबिनेट सचिव रहे अजीत कुमार सेठ उनसे मिलने पहुंचे। उनके पास एक मोटी फाइल थी और उन्होंने कहा, “डॉ. साहब (मनमोहन) ने सुझाव दिया है कि आप इस फाइल को ध्यान से देखें।”

मधु किश्वर आगे लिखती हैं कि मोदी जी ने जैसे ही फाइल के पन्ने पलटने शुरू किए, उनका चेहरा फीका पड़ गया, क्योंकि उस फाइल में उनके खिलाफ कई आपत्तिजनक जानकारियां थीं। घबराए हुए मोदी ने सेठ से पूछा, “यह आपके पास कैसे पहुंची?” सेठ ने शांत स्वर में जवाब दिया, “कैबिनेट सचिव होने के नाते, प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की सभी महत्वपूर्ण फाइलें मेरे पास आती हैं।”

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मोदी जी ने चुपचाप फाइल लौटा दी और संकेत समझ गए। इसके बाद अजीत कुमार सेठ को न सिर्फ कार्यकाल विस्तार दिया गया, बल्कि उन्हें मोदी जी का ही कैबिनेट सचिव नियुक्त कर दिया गया। मधु के मुताबिक इसका मतलब यह हुआ कि मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी को प्रधानमंत्री कार्यालय की गतिविधियों और निर्णयों तक पहुंच बनी रही।

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मधु किश्वर का ट्वीट में कहना है कि अजीत कुमार सेठ को 2014 में विस्तार दिया गया और वे जून 2015 तक इस पद पर रहे। क्या आपने दुनिया में कहीं सुना है कि कोई प्रधानमंत्री अपने कट्टर विरोधी के सबसे भरोसेमंद वरिष्ठ अधिकारी को अपने ही पीएमओ का प्रमुख नियुक्त करे? रिटायरमेंट के बाद भी सेठ को एक और पुरस्कार के रूप में सार्वजनिक उपक्रम चयन बोर्ड (PESB) का अध्यक्ष बना दिया गया।

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एक्टिविस्ट मधु किश्वर ने उसी ट्वीट में लिखा है कि यह संभवतः इस बात से समझा सकता है कि तमाम तीखी बयानबाजी के बावजूद, तथाकथित “56 इंच की छाती” वाले नेता ने सोनिया गांधी, रॉबर्ट वाड्रा, चिदंबरम और अन्य लोगों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई करने की हिम्मत क्यों नहीं दिखाई। जबकि वे खुद उन पर विदेशी खातों और अन्य आरोप लगाते रहे हैं। यह सिर्फ सोनिया गांधी ही नहीं हैं, बल्कि भारत और विदेशों में कई अन्य लोग भी हैं जिनके पास “महामानव” के कथित काले कारनामों की जानकारी है।

मोदी के 56 इंच सीने का मज़ाक

 ट्वीट में मधु लिखती हैं- इसी वजह से मोदी जी को भारत के सबसे असुरक्षित राजनेताओं में से एक बताया जाता है, और यही कारण है कि वे बड़े-बड़े दावे और आक्रामक बयानबाजी करते नजर आते हैं। भारत और दुनिया में भ्रष्ट राजनेताओं की कमी नहीं है, लेकिन खुद को संत की छवि में पेश करने की इतनी कोशिश शायद ही किसी ने की हो, जितनी “56 इंच” वाले नेता करते हैं। जनता को संबोधित करते समय उनकी आवाज में लगातार उत्तेजना और खुद को निस्वार्थ महात्मा के रूप में प्रस्तुत करने का दिखावा इसी का हिस्सा बताया जाता है।

इसी वजह से मोदी जी को भारत के सबसे असुरक्षित राजनेताओं में से एक बताया जाता है, और यही कारण है कि वे बड़े-बड़े दावे और आक्रामक बयानबाजी करते नजर आते हैं। भारत और दुनिया में भ्रष्ट राजनेताओं की कमी नहीं है, लेकिन खुद को संत की छवि में पेश करने की इतनी कोशिश शायद ही किसी ने की हो, जितनी “56 इंच” वाले नेता करते हैं। जनता को संबोधित करते समय उनकी आवाज में लगातार उत्तेजना और खुद को निस्वार्थ महात्मा के रूप में प्रस्तुत करने का दिखावा इसी का हिस्सा बताया जाता है।

मधु किश्वर ने इसी बात का विस्तार करते हुए लिखा है- “रिकॉर्ड के लिए, 2014 के चुनाव अभियान के दौरान जब मोदी जी ने पहली बार “56 इंच की छाती” का जिक्र किया, तो मैंने व्यक्तिगत रूप से उनसे कहा था, “नरेंद्र भाई, ऐसा मत कहिए, यह अशोभनीय लगता है।”

इस पर उनका जवाब था, “आम जनता को यह पसंद है, मधु जी। केवल आप जैसे बुद्धिजीवी ही परिष्कृत भाषण चाहते हैं।” अब, मोदी जी के समर्थकों से सवाल है कि वे अपने “हृदय सम्राट” से पूछें कि उन्होंने मनमोहन सिंह के कैबिनेट सचिव को अपने ही पीएमओ का शीर्ष अधिकारी क्यों नियुक्त किया? और जितना आप झूठे और अशोभनीय आरोपों से उकसाएंगे, उतनी ही और जानकारियां सामने आएंगी, जो आपके “हृदय सम्राट” को उजागर करेंगी। यानी मधु किश्वर ने भविष्य में और भी खुलासे की चेतावनी भी लगे हाथ दे दी है।

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