अधिवक्ताओं और बहुजन प्रबुद्ध नागरिकों नेजिलाधिकारी कार्यालय पर किया प्रदर्शन
भारत रत्न डॉ बी आर आंबेडकर और भारत की महिलाओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाली रूपम मिश्रा की गिरफ्तारी की मांग
ब्यूरो प्रयागराज- आज बड़ी संख्या में आक्रोशित अधिवक्ताओं और बहुजन प्रबुद्ध नागरिकों ने प्रयागराज जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन करते हुए भारत रत्न बाबा साहब डॉ भीमराव आंबेडकर जी एवं भारत की महिलाओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाली रूपम मिश्रा की गम्भीर धाराओं में गिरफ्तारी मांग की, विदित हो कि भाकपा माले की सांस्कृतिक इकाई "जन संस्कृति मंच" की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रूपम मिश्रा जो स्वयं को तथाकथित रूप से वामपंथी प्रगतिशील कहती है, इसने अपने फेसबुक आईडी द्वारा भारत रत्न बाबा साहब डॉ भीमराव अम्बेडकर जी और भारत की महिलाओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी जिसके खिलाफ 31 मार्च 2026 को बड़ी संख्या में बहुजन प्रबुद्ध नागरिकों और अधिवक्ताओं ने कर्नलगंज थाने का घेराव करते हुए आपराधिक कृत्य करने वाली रूपम मिश्रा पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी।
तब कर्नलगंज पुलिस इंस्पेक्टर ने अधिवक्ता मदन पासवान से प्रथनापत्र लेकर आश्वासन देकर भेज दिया था, अगले दिन 1 अप्रैल को पुनः बड़ी संख्या में जब अधिवक्ता और बहुजन प्रबुद्ध नागरिक कर्नलगंज थाने पहुँचे तब तक प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया में इस आपराधिक कृत्य की खबर फैल चूंकि थी, बहुजन प्रबुद्ध नागरिकों और अधिवक्ताओं के विरोध प्रदर्शन के दबाव में कर्नलगंज पुलिस ने एफआईआर तो दर्ज कर लिया है, मगर अभी तक गम्भीरतापूर्वक विवेचना शुरू नही किया है, जिससे अधिवक्ताओं सहित बहुजन प्रबुद्ध नागरिकों में गुस्सा और नाराजगी बढ़ती जा रही है।
जो प्रदर्शन के रूप में जिलाधिकारी कार्यालय में दिखाई दी है, यह विरोध प्रदर्शन बढ़ता ही जायेगा, प्रदर्शन में शामिल अधिवक्ताओं और बहुजन प्रबुद्ध नागरिकों ने सामुहिक रूप से कहा कि जब संविधान निर्माता बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर जी और भारत की महिलाओं का अपमान करने वाली अपराधिनी के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत हो गया है तब पुलिस अपराधिनी का बचाव क्यों कर रही हैं ? पुलिस इतनी सुस्ती और ढिलाई क्यों बरत रही हैं ? जबकि मामला बहुत ही संगीन और गम्भीर है, पुलिस आख़िर अपराधिनी के खिलाफ तत्काल विवेचना करते हुए गम्भीर धाराओं में गिरफ्तार करके जेल नहीं भेज रही है ?
अधिवक्ताओं और बहुजन प्रबुद्ध नागरिकों ने ज्ञापन सौंपकर जिलाधिकारी से मांग किया हैं कि तत्काल शासन प्रशासन मामले की गम्भीरता को समझें, और असामाजिक गतिविधियों में शामिल को कानून की गम्भीर धाराओं में गिरफ्तार करके जेल भेजें, जिससे समाज में अमन चैन- शांती और सौहार्दपूर्ण माहौल बना रहें, और कानून व्यवस्था कायम रहें।
प्रदर्शन में मुख्यरूप में वरिष्ठ अधिवक्ता पूर्व इलाहाबाद जिला बार एसोसिएशन अध्यक्ष विनोद चंद्र दुबे, वरिष्ठ अधिवक्ता सुखदेव, वरिष्ठ अधिवक्ता धीरेंद्र यादव, वरिष्ठ अधिवक्ता बीके बघाड़िया, वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता डॉक्टर कमल उसरी ,अधिवक्ता त्रिभुवन सिंह पटेल, प्रमोद भारतीया, विशाल चौधरी, कुमार शिधार्थ, कमला प्रसाद, जितेंद्र यादव, सुशील यादव, अमन चंद्रा, विकास गौतम, भास्कर पासवान, शिवराम, आर पी कुशवाहा, विजय यादव, नीरज कुशवाहा जिला अध्यक्ष ओबीसी, मोहम्मद ताहिर, सुयोग्य सिंह पासी इत्यादि अधिवक्ताओं के साथ ही *इंडियन रेलवे इम्प्लाइज फेडरेशन राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज पांडेय, शिवेंद्र प्रताप सिंह, पी एन सिंह, दीपक कुमार, अनमोल सरन , बबलू कुमार, विनय पाण्डेय, शुभम पाण्डेय*बहुजन प्रबुद्ध नागरिक एस आर मौर्य, ननकू राम धुरिया, राजधारी यादव, बसंत लाल यादव, अतुलेंद्र विद्यार्थी, अनंतराम धुरिया, डॉ प्रकाश इत्यादि शामिल रहें
hindi news prayagraj prayagraj breaking news Swatantra Prabhat Lucknow law and order Prayagraj प्रयागराज प्रदर्शन prayagraj protest news ambedkar remark controversy roopam mishra arrest demand dm office protest prayagraj bahujan protest news advocate protest prayagraj dr br ambedkar controversy facebook comment controversy up protest news karnalganj police case ambedkar insult issue bahujan samaj protest indian constitution respect social protest up latest protest news


Comments