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लगातार सात वर्षों से गन्ना परिषद जेबीगंज के सचिव पद की कुर्सी पर जमें हुये है गजेन्द्र कटियार
पसगवां खीरी संवाददाता सुखदेव भार्गव
लखीमपुर खीरी- के जंगबहादुर गंज गन्ना विकास परिषद में आज सामान्य निकाय की बैठक का आयोजन किया गया उक्त मीटिंग में अध्यक्ष सहित गन्ना डायरेक्टर और डेलीगेट सम्मिलित हुए। उक्त मीटिंग में पूर्व की परम्पराओं को अनदेखा करते हुए वर्तमान क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के साथ साथ कुछ खास मीडियाकर्मियों छोड़कर मीडिया जगत को उक्त मीटिंग की भनक तक नहीं लगी और उन्हें अनदेखा किया गया।
अब सवाल यह उठता है कि आखिर इस मीटिंग में ऐसा क्या था जो जनप्रतिनिधियों और चुनिंदा मीडिया कर्मियों को छोड़कर सभी क्षेत्रीय मीडिया कर्मियों की अनदेखी की गई। सूत्रों से जानकारी मिली है कि राजनीतिक कृपा से गन्ना विकास परिषद जंगबहादुर गंज में सारे नियमों कानूनों को दरकिनार करके अपने कार्यकाल की लंबी पारी खेल रहे गन्ना विकास परिषद जंगबहादुर गंज के सचिव गजेंद्र कटियार जो कि लगभग 7 वर्षों से जंगबहादुर गंज में गन्ना सचिव पद कार्यरत है, शासन के सरकारी कर्मचारी की 3 वर्ष कार्यकाल की तबादला नीति की धज्जियां उड़ाते हुए जंगबहादुर गंज के गन्ना विकास परिषद के सचिव पद पर जमे हुए है के द्वारा इस प्रकार के कार्यव्यवहार कोई नए नहीं है।
मीडिया को जानकारी न देना उसे अनदेखा करना उनकी कार्यशैली बन गई है। अब सवाल यह भी उठता है कि अपने कार्यव्यवहार से जनप्रतिनिधियों एवं मीडिया की उपेक्षा करने वाले गन्ना विकास परिषद के सचिव पर शासन की तबादला नीति नहीं लागू होती, या फिर सत्ता पक्ष में राजनीतिक रसूख रखने वाले लोगों द्वारा अपने लाभ को लेकर उन्हें संरक्षण दिया जा रहा है और लगभग 7 वर्ष होने के बाद भी तबादला न होने का अभयदान दिया जा रहा है। अपने राजनीतिक रसूख और अच्छी पैठ के चलते ये गन्ना विकास परिषद जंगबहादुर गंज के सचिव पद पर वर्ष 2018 से कार्यरत सचिव गजेंद्र कटियार शासन की तबादला नीति की धज्जियां उड़ाते हुए अनवरत रूप से गन्ना विकास परिषद जंगबहादुर गंज के सचिव पद पर लंबी पारी खेले जा रहे है।एक लंबी पारी खेलने और राजनीतिक नब्ज पर अपनी पैनी पैठ के चलते क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि एवं मीडिया शायद उनके लिए कोई मायने नहीं रखते और न ही उन्हें बुलाना या जानकारी देना वो उचित समझते है।
खैर गन्ना विकास परिषद जंगबहादुर गंज में हुई सामान्य निकाय की बैठक में सर्वांगपुर से डेलीगेट सुबोध कांत अवस्थी के द्वारा सोसाइटी कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप प्रत्यारोप लगाने व 3 डायरेक्टरों व अधिसंख्य डेलीगेटों की अनुपस्थित में संपन्न हुई। गन्ना समित उपाध्यक्ष श्रीमती उमा देवी के द्वारा भी मीटिंग को लेकर खिन्नता व्यक्त की गई उनके द्वारा पिछली मीटिंग में पनई चौराहे के पास स्थित बरम्बाबा के स्थान के पास स्थित मोड पर मिट्टी कार्य के लिए कहा गया उक्त कार्य को शीघ्र कराने का आश्वासन भी दिया गया था परंतु उक्त कार्य होने को लेकर एक वर्ष होने के बाद भी अब तक उक्त कार्य नहीं हुआ है। वही समित के एक अन्य डायरेक्टर अवनीश शुक्ला के द्वारा भी गंभीर आरोप लगाया गया कि गन्ना विकास परिषद की बोर्ड की अथवा सामान्य निकाय की बैठक महज खानापूर्ति है हम लोगों से एजेंडे पर कार्य प्रस्ताव तो जरूर लिया जाता है
पर कार्य कोई नहीं करवाया जाता। हम लोग मीटिंग में केवल दस्तखत करने तक सीमित है। कई कार्यों को मीटिंग में रखा पर कोई कार्य नहीं होता है, मन करता है डायरेक्टर पद से इस्तीफा दे दूं। कहकर अपनी पीढ़ा बताई। खैर अब देखना है कि उच्चाधिकारी एवं गन्ना समित अध्यक्ष अपने डायरेक्टरों और डेलीगेटों तथा क्षेत्रीय किसानों की पीड़ा को समझते हुए क्या प्रभावी कदम उठाएंगे ये समय ही बताएगा। वहीं समिति मे भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है
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