तालाब पाटकर बसाई कॉलोनी, अब तीन मोहल्ले जलमग्न जिम्मेदारों पर उठे सवाल

कागजों में दर्ज तालाब पर प्लाटिंग कर बिकी जमीन, वर्षों तक सोता रहा प्रशासन अब गंदे पानी में डूबे लोग पूछ रहे जवाब

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लखीमपुर खीरी। कस्बा खीरी के मोहल्ला हनिया टोला में वर्षों पहले अवैध रूप से तालाब पाटकर की गई प्लाटिंग अब लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है। जल निकासी का रास्ता बंद होने से कस्बे के तीन मोहल्ले जलमग्न हो गए हैं और सड़कों पर गंदा पानी भरा हुआ है, जिससे लोगों का जीना दूभर हो गया है।स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिस तालाब को नगर पंचायत के अभिलेखों में दर्ज बताया जाता है, उसे पहले पाट दिया गया और फिर उस पर प्लॉट काटकर रजिस्ट्री तक कर दी गई।
 
इतना ही नहीं, कई मकानों का निर्माण भी हो चुका है। हैरानी की बात यह है कि यह सब लंबे समय तक प्रशासन की नजरों से ओझल रहा।समस्या बढ़ने पर मोहल्ले के लोगों ने शिकायत की, जिसके बाद नगर पंचायत ने तालाब पाटने वाले व्यक्ति को नोटिस जारी किया है। लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि जब तालाब पर अवैध कब्जा कर प्लाटिंग और निर्माण हो रहा था, तब जिम्मेदार अधिकारी आखिर कहां थे? मामला उस समय और गंभीर हो गया जब पीस कमेटी की बैठक में स्थानीय लोगों ने यह मुद्दा सीओ/सहायक पुलिस अधीक्षक विवेक तिवारी, सदर एसडीएम  अश्विनी सिंह और नायब तहसीलदार के सामने उठाया।
 
इस पर सदर एसडीएम ने अधिशासी अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।एक ओर उत्तर प्रदेश सरकार तालाबों के संरक्षण के लिए अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर खुलेआम तालाब पाटकर कॉलोनियां बसाई जा रही हैं। ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या प्रशासन तालाब को पुनः खुदवाकर उसकी मूल स्थिति बहाल करेगा या फिर प्रभावशाली लोगों के दबाव में मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।फिलहाल गंदे पानी से जूझ रहे लोग राहत की आस लगाए प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।

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