05 माह बीतने के बाद भी वरिष्ठ सहायिका के भ्रष्टाचार की नही हो पाई निष्पक्ष जांच

कनिज फातिमा के भ्रष्टाचार को लेकर कैबिनेट मंत्री ने 05 माह पहले भी डीएम को जारी किया था पत्रएडी स्वास्थ्य बस्ती मण्डल ने जांच पड़ताल के नाम पर किया था लीपापोती

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बस्ती। कैबिनेट मंत्री के निर्देश के बाद भी मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच नही हो पा रही है जिसको लेकर जिले में तरह - तरह की चर्चाएं चल रही हैं ।सीएमओ कार्यालय में तैनात वरिष्ठ सहायिका कनिज फातिमा पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप की जांच में AD स्वास्थ्य बस्ती मण्डल बस्ती ने पूर्व में लीपापोती किया था । AD स्वास्थ्य पूर्व जिलाधिकारी के द्वारा दिये गये जांच को ठेंगा दिखाने से कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं जांच मिलने के 05 माह बीत जाने के बाद भी जांच पूर्ण नही हो पाई है अर्थात् जांच के नाम पर बड़ा खेल करने की तैयारी में AD स्वास्थ्य जुटे हुए थे अपनी अपनी मंशा भी पूर्ण कर चुके हैं । पूर्व जिलाधिकारी रवीश गुप्ता ने दिनांक -16-10-2025 को AD स्वास्थ्य को जांच सौंपी थी।

आपको बता दें कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी बस्ती कार्यालय में तैनात वरिष्ठ सहायिका कनिज फातिमा के भ्रष्टाचार को लेकर अनिल राजभर कैबिनेट मंत्री श्रम एवं सेवायोजन , समन्वय विभाग उत्तर प्रदेश से शिकायत 05 माह पहले हुई थी और सीएमओ कार्यालय में जमकर भ्रष्टाचार करने वाली वरिष्ठ सहायिका कनिज फातिमा के खिलाफ जांच कर कार्यवाही की मांग की गई थी । कैबिनेट मंत्री को दिये शिकायती पत्र में आरोप लगाया गया था कि वरिष्ठ सहायिका कनिज फातिमा मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय बस्ती में कई वर्षों से लगातार कार्यरत है।

तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी की मिलीभगत से एक ही पटल पर अंगद की तरह पैर जमाई हुई है और भ्रष्टाचार इस कदर बढ़ गया है कि इनके द्वारा किसी भी कार्य के लिए बिना 20 प्रतिशत हिस्सा लिये एवं बिना 10 बार कार्यालय के चक्कर लगाये कोई भी कार्य नहीं किया जाता है तथा आये दिन अनेकों लोग इनके जाल में फंस कर शिकार हो रहे हैं इसके साथ-साथ यह है कि वर्ष 2024 में अवनी परिधि कम्पनी द्वारा निकाले गये आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की भर्ती में इनके द्वारा जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत से बड़े पैमाने पर फर्जी तरीके से नियुक्ति की गयी है।

जिससे सरकार की साफ सुथरी छवि धूमिल हो रही है। सरकार की जीरो टोलरेन्स नीति के तहत इनके पटल चिकित्सा पूर्ति भुगतान एवं आउटसोर्सिंग का चार्ज वापस लेते हुए जांच कराना न्याय हित में आवश्यक है जिससे इनके द्वारा किये जा रहे भ्रष्टाचार को रोका जा सके। अनिल राजभर कैबिनेट मंत्री श्रम एवं सेवायोजन , समन्वय विभाग उत्तर प्रदेश ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी को पत्र लिखकर निष्पक्ष जांच कराने का निर्देश दिया था । पूर्व जिलाधिकारी रवीश गुप्ता ने वरिष्ठ सहायिका कनिज फातिमा के द्वारा किये जा रहे भ्रष्टाचार की जांच AD स्वास्थ्य को दिया था लेकिन AD स्वास्थ्य डा० अश्विनी कुमार ने लीपापोती कर जांच आख्या प्रस्तुत कर मामले को रफा- दफा कर दिया है । 

कनिज फातिमा के भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच न होने पर कैबिनेट मंत्री ने दोबारा 05 मार्च को पत्र भेजकर जिलाधिकारी बस्ती को जांच सौंपी है । जिलाधिकारी कृत्तिका ज्योत्सना ने उक्त प्रकरण की जांच करने के लिए दिनांक - 18-03-2025 को एडी हेल्थ को दोबारा जांच करने के लिए निर्देश दिया है । अब देखना यह है कि वरिष्ठ सहायिका कनिज फातिमा के निष्पक्ष जांच हो पाती है या पहले की तरह लेन - देन करके मामले को रफा-दफा कर दिया जायेगा ।

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