अप्रैल से स्कूली वाहनों पर सख्त चेकिंग अभियान

लापरवाही पर मान्यता रद्द तक की कार्रवाई

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प्रतापगढ़। स्कूली बच्चों के सुरक्षित परिवहन को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन/प्रशासन) डॉ. दिलीप कुमार गुप्ता ने बताया कि शासन की मंशा के अनुरूप विद्यालयों में संचालित वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश मोटरयान नियमावली के तहत प्रत्येक विद्यालय में परिवहन सुरक्षा समिति का गठन अनिवार्य है,जो स्कूल वाहनों के सभी आवश्यक दस्तावेजों पंजीकरण प्रमाण पत्र, फिटनेस, परमिट, प्रदूषण प्रमाण पत्र एवं चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस की नियमित जांच सुनिश्चित करेगी।
 
साथ ही वाहन चालकों का पुलिस सत्यापन एवं वार्षिक स्वास्थ्य व नेत्र परीक्षण कराना भी आवश्यक है। कार्यालय परिवहन आयुक्त उत्तर प्रदेश लखनऊ के निर्देशों के क्रम में सभी मान्यता प्राप्त विद्यालयों के प्रबंधकों एवं प्रधानाचार्यों को स्पष्ट रूप से अवगत कराया गया है कि विद्यार्थियों की सुरक्षा की संपूर्ण जिम्मेदारी विद्यालय प्रबंधन की होगी। स्कूली वाहनों का संचालन मोटर वाहन अधिनियम 1988, केंद्रीय मोटरयान नियमावली 1989 तथा अन्य निर्धारित सुरक्षा मानकों के अंतर्गत ही किया जाना अनिवार्य है।
 
उन्होने बताया है कि 1 अप्रैल से 15 अप्रैल तक विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा, जिसमें स्कूल बस, वैन और अन्य वाहनों की सुरक्षा मानकों के अनुसार जांच की जाएगी। यदि कोई वाहन निर्धारित मानकों पर खरा नहीं उतरता है तो उसके पंजीकरण निलंबन के साथ-साथ संबंधित विद्यालय की मान्यता निरस्त करने तक की कार्रवाई की जा सकती है। आवश्यकता पड़ने पर विद्यालय प्रबंधन के विरुद्ध आपराधिक कार्रवाई भी की जाएगी।
 
इस संबंध में जारी निर्देशों को चेतावनी एवं विधिक नोटिस के रूप में मानते हुए सभी विद्यालयों को सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही, दुर्घटना या आपराधिक घटना की स्थिति में विद्यालय प्रबंधक एवं प्रधानाचार्य की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय की जाएगी।

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