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Haryana: हरियाणा में PPP में बड़ा बदलाव, अब AI से तय होगी परिवार की असली आय
Haryana News: हरियाणा सरकार परिवार पहचान पत्र (PPP) में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है। इन बदलावों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का सहारा लिया जाएगा। सरकार की योजना है कि एक ही डॉक्यूमेंट से पूरे परिवार की वास्तविक आय और खर्च का आकलन किया जा सके। इससे उन लोगों पर सीधा असर पड़ेगा, जो कम आय दिखाकर सरकारी योजनाओं का लाभ ले रहे हैं।
हरियाणा PPP अथॉरिटी की टीम ने दिल्ली में आयोजित इंटरनेशनल AI समिट में विशेषज्ञों से इस विषय पर चर्चा की। अथॉरिटी कोऑर्डिनेटर सतीश खोला के अनुसार सरकार इस साल के अंत तक इन बदलावों को लागू कर सकती है।
परिवार की पूरी वित्तीय प्रोफाइल होगी लिंक
सरकार AI की मदद से परिवार के सभी सदस्यों के दस्तावेज एक प्लेटफॉर्म पर जोड़ने की योजना बना रही है। इसमें Unique Identification Authority of India द्वारा जारी आधार कार्ड, पैन कार्ड, प्रॉपर्टी आईडी, किसान आईडी, आभा आईडी, बच्चों की स्कूल फीस, बैंक लोन और अन्य वित्तीय जानकारियां शामिल होंगी। इन सभी डाटा को PPP से लिंक किया जाएगा।
Read More हाईकोर्ट ने UP Police को NBW के बार-बार निष्पादन में विफलता पर फटकार लगाई, कहा- हमसे खेल मत खेलिएइससे परिवार की “वर्थ वैल्यू” यानी वास्तविक आर्थिक स्थिति का स्पष्ट आकलन किया जा सकेगा।
अपात्र लाभार्थियों की होगी पहचान
सरकार का मुख्य उद्देश्य उन परिवारों की पहचान करना है, जो फैमिली आईडी में कम आय दर्शाकर योजनाओं का लाभ ले रहे हैं। उदाहरण के तौर पर यदि किसी परिवार ने कम आय दर्ज करवाई है, लेकिन उनके बच्चे महंगे निजी स्कूलों में पढ़ रहे हैं या बैंक खातों में पर्याप्त लेन-देन है, तो AI के जरिए यह अंतर पकड़ में आ जाएगा।
बच्चों की स्कूल फीस को भी वर्थ वैल्यू में जोड़ा जाएगा। उदाहरण के लिए यदि कोई परिवार 10 हजार रुपये मासिक फीस देता है, तो सालाना 1.20 लाख रुपये उनकी आर्थिक क्षमता में जोड़े जाएंगे। वहीं, लग्जरी खर्च का भी विश्लेषण किया जाएगा।
बैंक लोन लेने वालों को राहत
जिन परिवारों ने मकान निर्माण या आजीविका के लिए बैंक लोन लिया है, उन्हें फायदा मिल सकता है। परिवार के किसी सदस्य के खाते से कटने वाली EMI की राशि कुल वर्थ वैल्यू से घटाई जाएगी, जिससे वास्तविक आर्थिक स्थिति सामने आएगी।
जानकारी छुपाना नहीं होगा आसान
आधार कार्ड और अन्य पहचान दस्तावेज पहले से ही बैंक खातों, संपत्ति और वाहनों से जुड़े होते हैं। यदि PPP को AI और आधार डाटा से लिंक किया जाता है, तो कोई भी व्यक्ति अपनी संपत्ति या आय छुपा नहीं सकेगा। यहां तक कि यदि किसी ने दूसरे के आधार पर वाहन या कारोबार रजिस्टर कराया है, तो उसका भी पता लगाया जा सकेगा।
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संदीप कुमार मीडिया जगत में पिछले 2019 से ही सक्रिय होकर मीडिया जगत में कार्यरत हैं। अख़बार के अलावा अन्य डिजिटल मीडिया के साथ जुड़े रहे हैं। संदीप का पॉलिटिकल न्यूज, जनरल न्यूज में अनुभव रहा है। साथ ही ऑनलाइन खबरों में काफी अनुभव है l

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