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जीवित व्यक्ति को मृतक दिखा , फर्जी वरासत कराने का आरोप
प्रधान ने जारी किया फर्जी. मृत्यु प्रमाणपत्र, मुकदमा पंजीकृत कराये जाने की मांग, जमीन हड़पने के इस खेल में प्रधान से लेकर तहसीलदार तक के शामिल होने के आरोप
लखीमपुर खीरी। तहसील गोला में राजस्व विभाग के भ्रस्टाचार का एक सनसनी खेज मामला प्रकाश में आया है।जिसने प्रशासन की कार्य प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।बताते चलें कि आम आदमी जिस पटवारी/लेखपाल और कानूनगो ,तहसीलदार पर भरोसा करता है और अपनी पूरी जिन्दगी की कमाई लगाता है।यदि वहीं अधिकारी कर्मचारी भू-माफिया के साथ मिल जाय तो न्याय की उम्मीद किससे की जाय?
क्या है पूरा मामला-------
तहसील गोला अंतर्गत ग्राम पंचायत हरदुआ निवासी हरी राम पुत्र रजई को सपने में भी अंदाजा नहीं था। कि जो जमीन उसकी है और जिस जमीन का वह मालिक और एक मात्र हकदार है।उसी जमीन को भारी भरकम नजराना लेकर किसी मौर्या बिरादरी की महिला पिंकी के नाम फर्जी वरासत भर देंगे और जीवित रहते हुए काग़ज़ों पर उसे मृतक दिखा दिया जायेगा। गोला तहसील के परगना कुकुरा अंतर्गत ग्राम पंचायत हरदुआ में एक ऐसा ही सनसनी खेज मामला प्रकाश में आया है।
जहां के प्रधान और पंचायत सचिव द्वारा चंद गांधी छाप काग़ज़ के टुकड़ों की चकाचौंध में जीवित हरीराम धोबी को मृतक दिखाकर उसकी जमीन मौर्य बिरादरी की पिंकी देवी को हरीराम की पुत्री दिखाकर बतौर वारिस वरासत दर्ज कर बड़ा फर्जीवाड़ा किए जाने का मामला सामने आया है।बताया जाता है कि हरीराम धोबी जाति से है,और जीवित रहते हुए रेलवे विभाग से पेंशन ले रहा है।
सूत्र बताते हैं कि वैसे भी तहसील प्रशासन पर सूबे के मुखिया और उच्च न्यायालय के आदेश को ताक पर रखकर सरकारी जमीनों खेल मैदान, और प्राइमरी पाठशाला की आरक्षित रिक्त पडी जमीनों पर अवैध तरीके से कब्जा कराकर लाखों की ठगी करने के आरोप लगाए जा रहे हैं। हरीराम राम का आरोप है कि लेखपाल ,कानूनगो और प्रधान पंचायत सचिव ने हरीराम पुत्र रज़ई को मृतक दिखाकर उसकी जमीन गाटा संख्या 731 ठ की फर्जी वरासत गांव की ही मौर्य बिरादरी की एक महिला पिंकी देवी/ बिंदर पाल को हरिराम की फर्जी पुत्री बनाकर लाखों रुपये की ठगी की गई है।
उक्त महिला मौर्य बिरादरी की है जबकि हरीराम धोबी जाति का है ।तो उक्त पिंकी देवी हरीराम की पुत्री कैसे हो सकती है?सूत्र बताते हैं कि हरिराम की फर्जी पुत्री बनी पिंकी देवी/बिंदर पाल कथित पुत्री हरिराम ग्राम हरदुआ परगना कुकुरा तहसील गोला जिला खीरी की निवासी और मौर्य बिरादरी की बताई जाती हैं। उक्त मामले में आज तक कोई कार्रवाई न होना बड़ा सवाल खड़ा करता है। कि इसे अधिकारियों की लापरवाही कहे या फिर प्रधान,पंचायत सचिव और लेखपाल द्वारा की गयी कमाई में भागीदारी समझा जाय। बड़ा सबाल यह भी है कि यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति के साथ घटित धोखाधड़ी और फर्जीवाड़ा की घटना का नहीं बल्कि सिस्टम में दीमक की तरह लगे भ्रस्टाचार का सबूत है।
जब रक्षक ही भक्षक बन बैठे तो आम आदमी अपनी जमीन की सुरक्षा सुनिश्चित करने किसके पास जाय? फर्जी वरासत के विवाद में घिरे जिम्मेदारों पर आज तक कोई कार्रवाई न होना प्रशासन की सुस्ती को उजागर करता है।अब देखना है कि दोषी लोगों पर कब तक शिकंजा कसा जाता है? पीड़ित ने पून: मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराकर दोषी ग्राम प्रधान राम किशन के विरूद्ध सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कराए जाने तथा दर्ज फर्जी वरासत को निरस्त कराकर जमीन वापस दिलाए जाने की मांग की है।
इस मामले पर ग्राम प्रधान हरदुआ रामकिशुन ने बताया म्रत्यु प्रमाणपत्र अनजाने में मेरे द्वारा जारी किया गया है।तहसीलदार गोला भीम चंद ने बताया कि यह विरासत का मामला सीधे कोर्ट में आया था। आप पून: रेस्टोरेशन दाखिल कर दीजिए मैं वरासत को निरस्त कर हरीराम के पक्ष में वरासत साक्ष के आधार पर दर्ज किए जाने का आदेश कर दूंगा।
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