अनुसूचित जाति के मामलों में संवेदनशीलता दिखाए प्रशासन, बैंक न करें अनावस्यक रिजेक्शन–लवकुश कुमार

समाज के वंचित और पिछड़े वर्ग के हितों से समझौता करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश।

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अजित सिंह / राजेश तिवारी ( ब्यूरो रिपोर्ट) 

सोनभद्र / उत्तर प्रदेश-

राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य लवकुश कुमार ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद के विकास और सुरक्षा कार्यों की नब्ज टटोली। समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि समाज के वंचित और पिछड़े वर्गों के हितों से समझौता करने वाले अधिकारियों और बैंकर्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बैठक में लवकुश कुमार ने केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की।

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उन्होंने विशेष रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने कड़े लहजे में कहा कि मुद्रा योजना और स्टार्ट-अप इंडिया जैसी स्वरोजगार योजनाओं की पत्रावलियों को बैंकर्स अनावश्यक रूप से रिजेक्ट न करें, पात्र व्यक्तियों को ऋण देना बैंकों की जिम्मेदारी है।अनुसूचित जाति के छात्रों को समय पर छात्रवृत्ति वितरण और अनुसूचित जाति छात्रावासों की बेहतर स्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

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उज्ज्वला योजना, जन-धन खाते, मनरेगा और भूमि पट्टा आवंटन में पारदर्शिता लाने और पात्रों को शत-प्रतिशत लाभान्वित करने पर जोर दिया गया। सरकार की मंशा स्पष्ट है।वंचितों को न्याय और विकास की मुख्यधारा से जोड़ना। किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनावश्यक विलंब को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य लवकुश कुमार ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया कि अनुसूचित जाति से संबंधित मामलों का निस्तारण केवल कागजों पर न हो, बल्कि गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से किया जाए।

उन्होंने प्रशासन से पीड़ितों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने की अपील की ताकि उन्हें सामाजिक और आर्थिक संबल मिल सके। समीक्षा बैठक के अंत में जिलाधिकारी बद्रीनाथ सिंह ने आयोग को आश्वस्त किया कि मा. सदस्य द्वारा दिए गए सभी दिशा-निर्देशों का जनपद में शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि निस्तारण में शिथिलता बरतने वाले कर्मियों की जवाबदेही तय की जाएगी। बैठक में अभिषेक वर्मा (पुलिस अधीक्षक), अनिल कुमार (अपर पुलिस अधीक्षक), ज्ञानेन्द्र सिंह भदौरिया (समाज कल्याण अधिकारी), रविन्द्र वीर (डी.सी. मनरेगा),विभिन्न विभागों (शिक्षा, स्वास्थ्य, आपूर्ति और पशु चिकित्सा) के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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