सोनभद्र पुलिस का मानवीय चेहरा दो पुलिसकर्मी कॉप ऑफ द मंथ से सम्मानित

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सोनभद्र (उत्तर प्रदेश)। जनपद में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और मानवीय संवेदनाओं के साथ कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक विशेष सम्मान समारोह आयोजित किया गया। पुलिस अधीक्षक (SP) अभिषेक वर्मा ने गुमशुदा बच्चों की सकुशल बरामदगी में उत्कृष्ट भूमिका निभाने वाले दो पुलिसकर्मियों को कॉप ऑफ द मंथ के प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया।
 
सम्मानित होने वाले पुलिसकर्मियों ने गुमशुदगी और अपहरण के दो अलग-अलग जटिल मामलों में कड़ी मेहनत और सूझबूझ का परिचय दिया।मुख्य आरक्षी धनन्जय यादव (PNO-112320531) इन्होंने धारा 363 भादवि के तहत दर्ज एक मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए 16 वर्षीय अपहृता को बिहार के औरंगाबाद (ग्राम दाउदनगर) से सकुशल बरामद किया।
 
आरक्षी अनुराग शुक्ला (PNO-192500975) इन्होंने थाना रॉबर्ट्सगंज में पंजीकृत अपहरण के एक मामले में तत्परता दिखाते हुए 17 वर्षीय अपहृता को ग्राम गोदापुर, नेवादा से बरामद कर उनके परिजनों को सुपुर्द किया।पुलिस अधीक्षक ने दोनों पुलिसकर्मियों की सराहना करते हुए कहा कि लापता व्यक्तियों, विशेषकर नाबालिग बालक-बालिकाओं की बरामदगी पुलिस की प्राथमिकता है।
 
इन पुलिसकर्मियों द्वारा किया गया प्रयास जनहित, मानवता और जिम्मेदार पुलिसिंग का एक बेहतरीन उदाहरण पेश करता है। ऐसे सराहनीय कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को निरंतर प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे न केवल विभाग में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ती है, बल्कि आमजन का पुलिस के प्रति विश्वास भी सुदृढ़ होता है।
 
अभिषेक वर्मा, पुलिस अधीक्षक सोनभद्र मुख्य आरक्षी धनन्जय यादव 112320531 नाबालिग अपहृता की सकुशल बरामदगी (बिहार से) आरक्षी अनुराग शुक्ला 192500975 नाबालिग अपहृता की बरामदगी एवं परिजनों को सुपुर्दगी इस सम्मान के बाद पुलिस विभाग के अन्य कर्मियों में भी उत्साह देखा जा रहा है। एसपी सोनभद्र की इस कॉप ऑफ द मंथ पहल की जनपद के प्रबुद्ध नागरिकों ने भी प्रशंसा की है, क्योंकि यह पुलिस को अपनी ड्यूटी के प्रति अधिक संवेदनशील और सक्रिय बनाता है।

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