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ख़जनी :रेलवे मुआवजा बना ठगी का जरिया! मृतक के खाते से ₹43.75 लाख की निकासी पर FIR की मांग
बैंक की भूमिका भी संदेह के घेरे में
गोरखपुर। खजनी थाना क्षेत्र से एक गंभीर पारिवारिक विवाद सामने आया है, जहाँ एक व्यक्ति ने अपने ही सगे बड़े भाई पर पिता की संपत्ति, पेंशन और रेलवे से मिले मुआवज़े की पूरी रकम हड़पने का आरोप लगाया है। पीड़ित का कहना है कि पिता को बहला-फुसलाकर उनसे पुश्तैनी जमीन अपने पक्ष में करा ली गई और छोटे भाई को उसके वैधानिक हिस्से से वंचित किया जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रार्थी श्यामलेश यादव पुत्र स्वर्गीय रामजीत यादव निवासी ग्राम बेलडॉड़, पोस्ट सरयातिवारी, थाना खजनी, जनपद गोरखपुर ने थाना अध्यक्ष को प्रार्थना-पत्र देकर न्याय की मांग की है। प्रार्थी ने बताया कि वह और उसका बड़ा भाई कमलेश यादव दो भाई हैं। परिवार में दो लड़कियाँ और एक लड़का है, जिनके बच्चे अभी छोटे हैं।
पीड़ित के अनुसार उनके पिता रेलवे विभाग में कर्मचारी थे और उनकी मृत्यु से पूर्व पेंशन व अन्य लाभ बड़े भाई द्वारा ही निकाले जाते थे। आरोप है कि पिता की कमजोर स्थिति का फायदा उठाकर बड़े भाई कमलेश यादव ने करीब 6 डिसमिल पुश्तैनी जमीन, जिस पर दो मंजिला मकान बना है, अपनी पत्नी के नाम बैनामा करा लिया। यह जमीन पहले पिता के नाम दर्ज थी।
इतना ही नहीं, ग्राम सोहरा स्थित पुश्तैनी जमीन से रेलवे लाइन गुजरने के कारण सरकार द्वारा ₹43,75,000 का मुआवज़ा स्वर्गीय पिता के नाम स्वीकृत हुआ, जो दिनांक 6 जनवरी 2026 को उनके बैंक खाते में आया। पीड़ित का आरोप है कि पिता की तबीयत उस समय अत्यंत खराब थी, उम्र लगभग 80 वर्ष थी, इसके बावजूद बड़े भाई ने सारा पैसा निकाल लिया और किसी भी प्रकार का हिस्सा नहीं दिया।
प्रार्थी ने बताया कि पिता का इसी माह 28 जनवरी 2026 को निधन हो गया, लेकिन इसके बाद भी बड़े भाई ने हिस्सेदारी देने से साफ इंकार कर दिया आरोप है कि जब हिस्से की बात की जाती है तो धमकी दी जाती है और कहा जाता है कि “जो करना हो कर लो।”
पीड़ित ने थाना खजनी में लिखित शिकायत देकर निष्पक्ष जांच, धनराशि व संपत्ति में न्यायोचित बंटवारे तथा कानूनी कार्रवाई की मांग की है। अब देखना यह है कि पुलिस इस गंभीर आरोप पर क्या कार्रवाई करती है।

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