IAS Success Story: 9 घंटे की नौकरी के बाद UPSC की तैयारी, पढ़ें IAS श्वेता भारती सक्सेस स्टोरी

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IAS Success Story: अक्सर यह माना जाता है कि पूरे दिन की नौकरी के बाद न तो पढ़ाई का समय बचता है और न ही ऊर्जा, लेकिन जो लोग अपनी किस्मत बदलने का जज़्बा रखते हैं, वे हर हाल में रास्ता निकाल लेते हैं। यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा, जिसमें रोज़ाना 10–12 घंटे पढ़ाई की सलाह दी जाती है और फिर भी सफलता की कोई गारंटी नहीं होती, उसी चुनौती को श्वेता भारती ने स्वीकार किया।

9 घंटे की नौकरी के बावजूद उन्होंने पढ़ाई पर फोकस बनाए रखा और आखिरकार यूपीएससी परीक्षा पास कर मिसाल कायम कर दी।

ऑफिस और पढ़ाई का संतुलन बनाना नहीं था आसान

ऑफिस का दबाव, रोज़ का सफर, घर की जिम्मेदारियां और फिर यूपीएससी की तैयारी—इन सबको एक साथ संभालना आसान नहीं था। थकान और समय की कमी के बावजूद श्वेता ने हार नहीं मानी। उन्होंने वह कर दिखाया, जिसे करने का सपना बहुत से लोग देखते हैं, लेकिन हालात के डर से कदम नहीं बढ़ा पाते। उनकी कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो परिस्थितियों के कारण अपने सपनों को टाल देते हैं।

बिहार के नालंदा से शुरू हुआ सफर

श्वेता भारती बिहार के नालंदा जिले की रहने वाली हैं। उनकी शुरुआती पढ़ाई पटना के एक स्कूल से हुई। इसके बाद उन्होंने भागलपुर से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की। कॉलेज के दिनों में ही उनके मन में सिविल सेवा में जाने का सपना जन्म ले चुका था, जो आगे चलकर यूपीएससी की तैयारी में बदला।

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जिम्मेदारियों के चलते नहीं छोड़ पाईं नौकरी

इंजीनियरिंग के बाद श्वेता ने विप्रो कंपनी में नौकरी शुरू की। नौकरी के दौरान ही उन्होंने यूपीएससी की तैयारी का मन बनाया, लेकिन पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण नौकरी छोड़ना उनके लिए संभव नहीं था। ऐसे में उन्होंने नौकरी के साथ ही पढ़ाई करने का फैसला लिया। दिन में ऑफिस और शाम से देर रात तक पढ़ाई—यही उनकी दिनचर्या बन गई।

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सोशल मीडिया से बनाई दूरी, बढ़ाया फोकस

पढ़ाई के दौरान ध्यान भटकने से बचने के लिए श्वेता ने सोशल मीडिया से दूरी बना ली। उन्होंने समय का सही प्रबंधन किया और काम व पढ़ाई के बीच संतुलन बनाकर लगातार मेहनत करती रहीं। यही अनुशासन और समर्पण उनकी सबसे बड़ी ताकत बना।

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BPSC से UPSC तक का सफर

यूपीएससी से पहले श्वेता ने बीपीएससी परीक्षा भी दी, जिसमें उन्हें सफलता मिली। 65वीं बीपीएससी परीक्षा में उन्होंने 65वां रैंक हासिल किया और डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम ऑफिसर के पद पर चयनित हुईं। इसके बावजूद उन्होंने अपनी तैयारी नहीं छोड़ी और आगे बढ़ती रहीं।

साल 2021 में श्वेता भारती ने यूपीएससी परीक्षा पास कर 356वीं रैंक हासिल की और अपने सपने को साकार किया।

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संदीप कुमार मीडिया जगत में पिछले 2019 से ही सक्रिय होकर मीडिया जगत में कार्यरत हैं। अख़बार के अलावा अन्य डिजिटल मीडिया के साथ जुड़े रहे हैं। संदीप का पॉलिटिकल न्यूज, जनरल न्यूज में अनुभव रहा है। साथ ही ऑनलाइन खबरों में काफी अनुभव है l 

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