सीडीओ ने खराब प्रगति वाले ग्राम पंचायत सचिवों के विरूद्ध कार्यवाही के दिये निर्देश

मुख्यतः फैमिली आईडी, गौआश्रय स्थलों में पूलिंग की धनराशि का अन्तरण एवं मनरेगा के अन्तर्गत क्रियाशील श्रमिकों का शत-प्रतिशत ई-केवाईसी० किया जाना सम्मिलित है

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प्रतापगढ़। मुख्य विकास अधिकारी डा0 दिव्या मिश्रा की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में विकास कार्यक्रमों की समीक्षा की गयी। बैठक में 19 एवं 20 जनवरी को विकास कार्यक्रम के सन्दर्भ में खण्ड विकास अधिकारियों एवं सचिवों की संयुक्त बैठक की गयी थी जिसमें मुख्यतः फैमिली आईडी, गौआश्रय स्थलों में पूलिंग की धनराशि का अन्तरण एवं मनरेगा के अन्तर्गत क्रियाशील श्रमिकों का शत-प्रतिशत ई-केवाईसी० किया जाना सम्मिलित है।
 
विकास खण्ड कुण्डा की समीक्षा में पाया गया कि प्रभुनाथ प्रसाद सचिव द्वारा ई-केवाईसी० में मात्र 22 प्रतिशत व फैमिली आईडी में 220 लक्ष्य के सापेक्ष मात्र 38 की पूर्ति सुनिश्चित की गयी है। सम्बन्धित सचिव को प्रतिकूल प्रवष्टि प्रदान करने के निर्देश दिये गये है। विकास खण्ड बाबागंज की समीक्षा के दौरान पाया गया कि धीरेन्द्र शुक्ला, संजय कुमार जायसवाल व सुनील कुमार सचिव अनुपस्थित रहे तथा इनकी प्रगति भी प्रत्येक बिन्दु पर अत्यन्त न्यून पायी गयी। तत्क्रम में खण्ड विकास अधिकारी बाबागंज को सम्बन्धित सचिव के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही किये जाने हेतु प्रस्ताव उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिये गये।
 
इसी प्रकार विकास खण्ड बिहार की समीक्षा के दौरान अनुराग यादव सचिव की प्रगति खराब पाये जाने पर इनके विरूद्ध अनुशासनिक कार्यवाही प्रारम्भ किये जाने के निर्देश दिये गये। गौआश्रय स्थलों में पूलिंग की धनराशि के अन्तरण की समीक्षा के दौरान पाया गया कि मनोज कुमार श्रीवास्तव सचिव पट्टी द्वारा रूचि नहीं ली गई। खण्ड विकास अधिकारी पट्टी को निर्देशित किया गया कि सम्बन्धित सचिव का वेतन अग्रिम आदेश तक अवरूद्ध किया जाय।
 
खण्ड विकास अधिकारी गौरा द्वारा अवगत कराया गया कि रणजीत एवं पूनम यादव सचिव विकास खण्ड गौरा द्वारा फैमिली आईडी० बनवायें जाने में रूचि नहीं ली जा रही है। खण्ड विकास अधिकारी गौरा को निर्देशित किया गया कि दोनों सचिवों का वेतन अग्रिम आदेश तक अवरूद्ध किया जाय। बैठक में उपस्थित समस्त खण्ड विकास अधिकारी को निर्देश दिये गये कि नियमित सचिववार समीक्षा करते हुये एक सप्ताह के भीतर योजनान्तर्गत लक्ष्य के अनुरूप प्रगति सुनिश्चित करायें अन्यथा प्रगति न करने वाले सचिवों के विरूद्ध कठोर कार्यवाही अमल में लायी जायेगी।
 
अन्त में समीक्षा बैठक के दौरान उपस्थित परियोजना निदेशक डीआरडीए, उपायुक्त श्रम रोजगार/जिला विकास अधिकारी एवं उपायुक्त स्वतः रोजगार को निर्देशित किया गया कि नियमित विकास कार्यक्रमों की समीक्षा करें तथा खराब प्रगति करने वाले सचिवों को चिन्हित करते हुये उनके विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही किये जाने हेतु प्रस्ताव उपलब्ध करायें। बैठक में परियोजना निदेशक डीआरडीए दयाराम यादव, उपायुक्त श्रम रोजगार/जिला विकास अधिकारी सन्तोष कुमार सिंह, उपायुक्त स्वतः रोजगार देव कुमार, समस्त खण्ड विकास अधिकारी, समस्त सहायक विकास अधिकारी (पं०) एवं विभिन्न योजनाओं में विकास खण्ड के खराब प्रगति करने वाले 05-05 सचिव उपस्थित रहे।

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