प्रभारी मंत्री करेंगे त्रिदिवसीय महोत्सव का उद्घाटन
भक्ति, संस्कृति और लोककलाओं का संगम बनेगा श्रवण धाम महोत्सव
अनुप जलोटा की भजन संध्या होगी महोत्सव का मुख्य आकर्षण
अम्बेडकरनगर।

महोत्सव को भव्य एवं आकर्षक स्वरूप प्रदान करने हेतु समस्त तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। संपूर्ण श्रवण धाम परिसर को रंग-बिरंगे फूलों, आकर्षक विद्युत सज्जा एवं सांस्कृतिक प्रतीकों से सुसज्जित किया गया है, जिससे श्रद्धालुओं एवं आगंतुकों को दिव्यता एवं भव्यता का अनूठा अनुभव प्राप्त हो सके। आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सुव्यवस्थित प्रवेश-निकास, बैठने की उत्तम व्यवस्था तथा आवश्यक मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं।

शुभारंभ दिवस के कार्यक्रमों की रूपरेखा के अनुसार प्रातः 09:00 बजे से 10:00 बजे तक पूजन एवं हवन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके उपरांत 10:00 बजे से 10:30 बजे तक स्थानीय कलाकारों द्वारा भक्ति प्रस्तुतियां, 10:30 बजे से 11:00 बजे तक स्कूली बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम, 11:00 बजे से 11:30 बजे तक लोकगीत एवं भक्ति संगीत, तथा 11:30 बजे से 12:00 बजे तक लोक नृत्य प्रस्तुत किया जाएगा। दोपहर 12:00 बजे से 01:00 बजे तक सनातन भजन एवं 01:00 बजे से 03:00 बजे तक महिला सशक्तिकरण से संबंधित विभागीय कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इसके उपरांत 03:30 बजे से 04:30 बजे तक ब्रज क्षेत्र के कलाकारों द्वारा फूलों की होली एवं मयूर नृत्य, 04:30 बजे से 06:00 बजे तक भव्य गंगा आरती एवं दीपोत्सव का आयोजन होगा। सायंकाल 06:00 बजे से 09:00 बजे तक सुप्रसिद्ध भजन गायक श्री अनुप जलोटा जी द्वारा भव्य भजन संध्या प्रस्तुत की जाएगी, जो महोत्सव का प्रमुख आकर्षण होगी।
इस महोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं एवं आगंतुकों की सुविधा एवं सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पार्किंग, स्वच्छता, पेयजल, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था, विद्युत सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था के समुचित प्रबंध किए गए हैं। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ अपने-अपने दायित्वों का प्रभावी ढंग से निर्वहन सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया है।
Read More Lucknow मलिहाबाद के बागों में गोवंश कटान का गोरखधंधा, एक सांड की निर्मम हत्या, दूसरा कटने से बचायह महोत्सव धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक चेतना एवं सामाजिक समरसता का प्रतीक बनकर जनपद अंबेडकरनगर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान प्रदान करेगा। साथ ही इस आयोजन से ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा तथा स्थानीय कलाकारों, हस्तशिल्प एवं लोकसंस्कृति को प्रोत्साहन प्राप्त होगा।

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