प्यासे यात्री और बदहाल व्यवस्था , सफेद हाथी साबित हो रहा हाथीनाला में बनी सौर ऊर्जा पानी टंकी

करोड़ों का राजस्व देने वाला सोनभद्र प्यासा, हाथीनाला में शो-पीस बनी सरकारी पानी टंकी

अजित सिंह / राजेश तिवारी Picture
Published On

अजित सिंह / राजेश तिवारी ( ब्यूरो रिपोर्ट) 

सोनभद्र (हाथीनाला) / उत्तर प्रदेश -

उत्तर प्रदेश का सोनभद्र जिला जिसे प्रदेश का ऊर्जांचल और सबसे अधिक राजस्व देने वाला जनपद कहा जाता है, आज अपनी बुनियादी जरूरतों के लिए आंसू बहा रहा है। एक तरफ सरकार हर घर नल, हर घर जल का नारा बुलंद कर रही है, वहीं दूसरी तरफ हाथीनाला क्षेत्र में यात्रियों की प्यास बुझाने के लिए बनाया गया सौर ऊर्जा जल संयत्र पिछले एक साल से भ्रष्टाचार और विभागीय लापरवाही की भेंट चढ़ा हुआ है।

IMG-20260109-WA0008

 सोनभद्र में महिला अधिवक्ता के साथ टोल कर्मियों द्वारा की गई मारपीट की घटना शर्मनाक Read More  सोनभद्र में महिला अधिवक्ता के साथ टोल कर्मियों द्वारा की गई मारपीट की घटना शर्मनाक

हाथीनाला थाना क्षेत्र के अंतर्गत हनुमान मंदिर से महज १० कदम की दूरी पर स्थित यह सौर ऊर्जा संचालित पानी की टंकी लाखों की लागत से स्थापित की गई थी। यह स्थान रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यहाँ से आस-पास के क्षेत्र और दुद्धी विंधमगंज के स्थानीय निवासी गुजरते हैं। झारखंड और बिहार जाने वाले अंतरराज्यीय यात्रियों का भारी जमावड़ा रहता है।

04 फरवरी को उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्या का आगमन , महिला उत्पीड़न से संबंधित समस्याओं के निस्तारण पर जोर Read More 04 फरवरी को उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्या का आगमन , महिला उत्पीड़न से संबंधित समस्याओं के निस्तारण पर जोर

मजदूर और कामगार अपनी थकान मिटाने यहाँ रुकते हैं। विडंबना यह है कि तीन साल तक सेवा देने के बाद, चौथे साल की शुरुआत में ही यह टंकी सफेद हाथी बन गई। अब यहाँ यात्री आते तो हैं, लेकिन सूखी टोटियां देख मायूस होकर लौट जाते हैं। स्थानीय नागरिकों और दुकानदारों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। स्थानीय लोगों के अनुसार कई बार ग्राम प्रधान और संबंधित अधिकारियों से इसकी शिकायत की। एक साल बीतने को है, लेकिन मरम्मत के नाम पर एक ईंट भी नहीं हिली। सरकारी पैसा पानी की तरह बहाया गया, लेकिन जनता को पानी नसीब नहीं हो रहा।

कुशीनगर : खड्डा में वोट कटौती के विरोध में होगा सपा का प्रदर्शन Read More कुशीनगर : खड्डा में वोट कटौती के विरोध में होगा सपा का प्रदर्शन

लाखों रुपये खर्च कर बनाई गई इस योजना का चार साल के भीतर दम तोड़ देना कहीं न कहीं इसके निर्माण की गुणवत्ता और रखरखाव पर सवाल खड़ा करता है। हाथीनाला जैसे मुख्य जंक्शन पर पानी की सुविधा न होना न केवल राहगीरों के लिए परेशानी का सबब है, बल्कि यह प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी एक बड़ा धब्बा है।

विशेषकर लंबी दूरी तय करने वाले यात्रियों के लिए यह पानी की टंकी एक बड़ा सहारा थी। अब लोगों को पीने के पानी के लिए महंगे बोतलबंद पानी पर निर्भर रहना पड़ता है या मिलों दूर स्थित किसी निजी स्रोत की तलाश करनी पड़ती है। रोजाना हजारों यात्री और राहगीर प्रभावित। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और विकास खंड अधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए तत्काल जलापूर्ति कराने की मांग किया है।

Post Comments

Comments