सरकार के नए फैसले के तहत अब 10वीं और 12वीं कक्षा में 80 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले बच्चों की माताओं को भी योजना का लाभ मिलेगा। ऐसी महिलाएं, जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय 1 लाख 80 हजार रुपये तक है, उन्हें 2100 रुपये मासिक सहायता दी जाएगी। इससे पहले यह लाभ केवल एक लाख रुपये तक वार्षिक आय वाली महिलाओं को ही दिया जा रहा था।
हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इन बदलावों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि निपुण योजना के तहत ग्रेडेशन प्राप्त करने वाली महिलाएं, साथ ही कुपोषण और एनीमिया से बच्चों को बाहर निकालने वाली माताएं भी अब इस योजना के तहत शामिल की जाएंगी, बशर्ते उनकी वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये तक हो।
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि योजना के तहत मिलने वाली 2100 रुपये की राशि के स्वरूप में भी बदलाव किया गया है। अब महिलाओं को हर महीने 1100 रुपये सीधे उनके खाते में दिए जाएंगे, जबकि शेष 1000 रुपये सरकार द्वारा रिकरिंग डिपॉजिट या फिक्स्ड डिपॉजिट के रूप में जमा किए जाएंगे। इससे महिलाओं को भविष्य में ब्याज का अतिरिक्त लाभ भी मिलेगा।
सरकार ने यह भी प्रावधान किया है कि यदि किसी लाभार्थी महिला की असामयिक मृत्यु हो जाती है, तो डिपॉजिट की पूरी राशि तुरंत उसके नामित व्यक्ति (नॉमिनी) को जारी कर दी जाएगी। सरकार का मानना है कि इन बदलावों से न केवल महिलाओं की आर्थिक सुरक्षा मजबूत होगी, बल्कि बेटियों की शिक्षा और स्वास्थ्य को भी बढ़ावा मिलेगा।

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