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ग़ोला क्षेत्र मठ चचाईराम में सर्वराकार की नियुक्ति पर उठे सवाल, 14 साल का रिकॉर्ड भी संदेह के घेरे में
गोलाबाजार, गोरखपुर, । गोला तहसील क्षेत्र के नवसृजित नगर पंचायत उरुवा बाज़ार के राजस्व ग्राम चचाईराम स्थित प्रसिद्ध मठ चचाईराम में सर्वराकार की नियुक्ति पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। मठ महंत पंचानन पुरी के देहावसान के बाद हुए इस चयन को लेकर स्थानीय ग्रामीणों व श्रद्धालुओं में व्यापक असंतोष है। उनका कहना है कि इस महत्वपूर्ण धार्मिक पद पर नियुक्ति पारदर्शिता और परंपरागत प्रक्रिया के अनुरूप नहीं की गई।
ग्रामीणों का आरोप है कि सर्वराकार के रूप में नियुक्त किए गए व्यक्ति की पहचान, उनकी पृष्ठभूमि, शिक्षा–दीक्षा और मूल निवास को लेकर अब तक कोई स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। लोगों का कहना है कि मठ जैसी प्रतिष्ठित एवं प्राचीन धार्मिक संस्था में सेवा और प्रबंधन संभालने वाले व्यक्ति का पूरा विवरण ज्ञात होना आवश्यक है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वह धार्मिक परंपराओं और अनुशासन के अनुरूप है।
सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि नियुक्त व्यक्ति पिछले 14 वर्षों में कहाँ रहे और क्या कार्य करते रहे—इससे संबंधित कोई भी आधिकारिक रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस व्यक्ति को मठ की सेवा और प्रबंधन की जिम्मेदारी सौंपी गई है, उसकी साधना, सेवा यात्रा और जीवनचर्या का स्पष्ट विवरण मिलना चाहिए।
नियुक्ति प्रक्रिया भी विवादों में
स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया है कि सर्वराकार की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर न तो कोई सार्वजनिक घोषणा की गई, न ही मठ से जुड़ी पारंपरिक व्यवस्थाओं या स्थानीय श्रद्धालुओं से कोई सलाह–मशविरा हुआ। लोगों का कहना है कि मठ चचाईराम क्षेत्र के हजारों लोगों की आस्था का केंद्र है, ऐसे में किसी भी महत्वपूर्ण नियुक्ति में पारदर्शिता आवश्यक है। ग्रामीणों ने मांग की है कि मठ प्रबंधन और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को इस नियुक्ति से जुड़े सभी तथ्यों को सार्वजनिक करना चाहिए, ताकि आस्था और परंपरा पर उठ रहे संदेह दूर हो सकें।

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