सोनभद्र में दर्दनाक खदान हादसा सुरक्षा नियमों की अनदेखी बनी 7 मजदूरों की मौत का कारण

Swatantra Prabhat UP Picture
Published On

ओबरा (सोनभद्र)- उत्तर प्रदेश सोनभद्र जिले के ओबरा थाना क्षेत्र में स्थित बिल्ली मारकुंडी खनन क्षेत्र में शनिवार, 15 नवंबर 2025 को एक दिल दहला देने वाला खदान हादसा हो गया। कृष्णा माइनिंग वर्क्स की एक अवैध रूप से संचालित खदान में ड्रिलिंग कार्य के दौरान पत्थर का एक बड़ा हिस्सा अचानक धंस गया, जिससे सात मजदूर मलबे में दब गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस भीषण त्रासदी में जिन सात मजदूरों ने अपनी जान गंवाई, उनमें इंद्रजीत, संतोष, रवींद्र, राम खेलावन, कृपाशंकर, राजू सिंह सहित कुल सात लोग शामिल हैं। घटना की जानकारी मिलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
 
राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की टीमें तत्काल बचाव कार्यों में जुटी थीं, लेकिन मलबा हटाए जाने के बाद अब किसी अन्य के दबे होने की संभावना समाप्त हो गई है। यह दुर्घटना सुरक्षा मानकों की घोर अवहेलना का नतीजा है। जांच में सामने आया है कि महानिदेशालय खान सुरक्षा (डीजीएमएस) की टीम ने इस खदान में व्यावसायिक खनन पर लगभग डेढ़ महीने पहले ही प्रतिबंध लगा दिया था। यह प्रतिबंध इसलिए लगाया गया था क्योंकि खदान 200 फीट तक गहरी हो चुकी थी और सुरक्षा मानकों का उल्लंघन किया जा रहा था।
 
डीजीएमएस ने खदान मालिक को केवल सुधारात्मक कार्यों की अनुमति दी थी, लेकिन खदान मालिक ने अपनी लापरवाही और मनमाने तरीके से अवैध रूप से खनन जारी रखा। दुर्घटना के समय खदान में उचित सुरक्षा व्यवस्था और जोखिम नियंत्रण के उपाय मौजूद नहीं थे, जो सीधे तौर पर सुरक्षा निर्देशों का उल्लंघन है और इस त्रासदी का मुख्य कारण बना। हादसे के बाद डीजीएमएस की टीम ने दुर्घटनाग्रस्त खदान सहित आस-पास की खदानों का भी निरीक्षण किया। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए खदान मालिक सहित तीन लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं।
 
प्रदेश सरकार ने इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के लिए 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। साथ ही, जिला प्रशासन की ओर से इस पूरे मामले की गहन जांच कराए जाने की घोषणा भी की गई है।यह पूरा प्रकरण प्रशासनिक और खान सुरक्षा दिशा-निर्देशों की अवहेलना पर गंभीर सवाल खड़े करता है। जांच जारी है ताकि जिम्मेदारों को कठोर सज़ा दिलाई जा सके और भविष्य में ऐसी जानलेवा घटनाओं को रोका जा सके।

About The Author

Post Comments

Comments

नवीनतम समाचार