नवीनतम
फीचर्ड
राजनीति
भारत
वारदात: जमालपुर में लाखों की चोरी
पीडि़त एक सप्ताह से लगा रहा चौकी के चक्कर
पुलिस ने अभी तक नहीं दर्ज किया मामला
तालबेहट। क्षेत्र में चोरी और टप्पेबाजी की बढ़ती घटनाओं से बदमाशों के हौसले बुलंद हैं। बड़े मामलों के खुलासे न होने से अपराधियों का हौसला इस कदर बढ़ गया है कि ग्रामीण अब खुद को असुरक्षित महसूस करने लगे हैं। ताजा मामला तेरई फाटक चौकी क्षेत्र के ग्राम जमालपुर का है, जहां एक सप्ताह पूर्व चोरों ने लाखों रुपए की नगदी और जेवरात पर हाथ साफ कर दिया, लेकिन पुलिस आज तक एफआईआर तक दर्ज नहीं कर सकी। जमालपुर निवासी राकेश साहू पुत्र नाथूराम साहू ने तेरई फाटक चौकी इंचार्ज को दिए शिकायती पत्र में बताया कि घटना 12 नवंबर की रात (मंगलवार-बुधवार) की है। वह बच्चों के साथ एक कमरे में सो रहे थे।
इसी दौरान चोरों ने दूसरे कमरे का ताला तोडक़र बिस्तरों व कपड़ों में छिपाकर रखी 2 लाख 60 हजार रुपए नकद, सोने का हार, मंगलसूत्र, सोने की चेन, कान के भाला, करदौनी चांदी, यहां तक कि बच्चों की गुल्लक तक चोरी कर ली। पीडि़त ने बताया कि चोर जिस कमरे में वह सो रहे थे, उसके बाहर कपड़ा बांधकर दरवाजा बंद कर गए थे। कमरे में रखी उर्दू और मूंग की दाल को फैला कर पूरा घर खंगाल डाला। सुबह जब परिवार की नींद खुली, तो कमरे का दरवाजा बाहर से बंद मिला, जिसे किसी तरह खुलवाया गया, तब चोरी का पता चला। पीडि़त राकेश साहू का कहना है कि घटना के बाद से वह लगातार चौकी और कोतवाली के चक्कर लगा रहे हैं,लेकिन अब तक न तो मामला दर्ज किया गया और न ही किसी प्रकार की कार्रवाई की गई। इससे ग्रामीणों में भी पुलिस के प्रति आक्रोश बढ़ रहा है।
बड़ी वारदातों की गुत्थी सुलझाने में पुलिस नाकाम
क्षेत्र में हुई करोड़ों की चोरी और टप्पेबाजी की बड़ी घटनाओं को महीनों बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस के हाथ अब तक खाली हैं। अधिवक्ता प्रदीप जैन के घर हुई बड़ी चोरी हो या व्यवसायी की मां से 12 लाख की टप्पेबाजी, दोनों मामलों में पुलिस कोई सुराग नहीं जुटा सकी है। इसी तरह नगर एवं खांदी क्षेत्र में करीब एक दर्जन चोरियां हो चुकी हैं, जिनमें स्थानीय पुलिस की निष्क्रियता साफ झलकती है। लगातार हो रही वारदातों और कार्रवाई के अभाव ने क्षेत्रवासियों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।


Comments