बिल्ली रेलवे स्टेशन के पास अवैध खनन से ग्रामीणों में आक्रोश, रेलवे संपत्ति खतरे में
अबैध खनन से लोग दहशत में, लोगों का जीना हुआ दूभर
डाला खनन क्षेत्र का मामला
अजित सिंह ( ब्यूरो रिपोर्ट)
डाला/सोनभद्र-
बिल्ली रेलवे स्टेशन के समीप बी०सी०एस० इन्टरप्राइजेज द्वारा संचालित कथित अवैध पत्थर खनन गतिविधि के खिलाफ स्थानीय निवासियों का गुस्सा फूट पड़ा है। कोटा ग्राम पंचायत के कोटा खास निवासी निर्भय चौधरी ने इस संबंध में एक ज्ञापन जारी कर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे क्षेत्र में तनाव व्याप्त है।
श्री चौधरी के अनुसार, बिल्ली मारकुंडी ग्राम पंचायत और ओबरा नगर पंचायत के सीमावर्ती इलाके में, जो रेलवे स्टेशन से सटा है, बी०सी०एस० इन्टरप्राइजेज द्वारा गैरकानूनी खनन किया जा रहा है। उन्होंने नवनिर्मित अपर जिला जज कोर्ट भवन में भी खनन के कारण दरारें आने की आशंका जताई है।
सबसे गंभीर चिंता रेलवे स्टेशन की संपत्ति को लेकर है। निर्भय चौधरी का कहना है कि अवैध खनन से रेलवे स्टेशन के कंट्रोल रूम और प्रतीक्षालय की दीवारों पर दरारें आ गई हैं। स्टेशन के आसपास के घरों में भी दरारें आने की शिकायतें मिल रही हैं। निवासियों का कहना है कि उन्हें अक्सर दिन में भूकंप जैसे झटके महसूस होते हैं, जिससे बच्चे डर जाते हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायतों पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। बताया गया है कि बी०सी०एस० इन्टरप्राइजेज के साझेदार चन्द्रभूषण गुप्ता और शफीक अहमद ओबरा के निवासी हैं। निर्भय चौधरी के अनुसार, कंपनी को केवल 4.85 एकड़ में खनन का लाइसेंस मिला है, जबकि वे रेलवे की जमीन पर भारी वाहन खड़े करते हैं और रेलवे की काफी संपत्ति पर अवैध कब्जा कर सकते हैं।
खनन क्षेत्र रेलवे ओवरब्रिज के पास है, जिससे खतरा बढ़ गया है।ज्ञापन में कहा गया है कि खनन क्षेत्र में रेलवे स्टेशन की संपत्ति और विश्राम गृह स्थित हैं। इसके बावजूद, कंपनी अत्यधिक विस्फोटकों का उपयोग कर अवैध खनन कर रही है, जिससे रेलवे स्टेशन भवन जर्जर हो गया है और कभी भी गिर सकता है, जिससे जानमाल का नुकसान हो सकता है।
ग्रामीणों का कहना है कि संबंधित विभागों को सूचित करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इसके अतिरिक्त, खदान लगातार गहरी और खतरनाक होती जा रही है। आरोप है कि खदान से अवैध रूप से करोड़ों लीटर पानी निकाला जा रहा है, जिससे जलस्तर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
इन आरोपों को लेकर निर्भय चौधरी ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को ज्ञापन भेजा है और हस्तक्षेप की मांग की है ताकि सरकारी संपत्ति को बचाया जा सके और जानमाल का नुकसान टाला जा सके। ग्रामीणों और शहरवासियों ने रेलवे प्रशासन और जिला प्रशासन से तत्काल अवैध खनन का संज्ञान लेने और बी०सी०एस० इन्टरप्राइजेज के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
उन्होंने रेलवे स्टेशन और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि रेलवे स्टेशन सार्वजनिक संपत्ति है और यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है। अवैध खनन से बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने रेलवे प्रशासन से मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने और खनन कंपनी को नोटिस जारी कर खनन कार्य रुकवाने की मांग की है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से भी सक्रिय भूमिका निभाने और अवैध खनन के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।


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