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अनूपलाल यादव महाविद्यालय में विश्व पृथ्वी दिवस और पोषण पखवाड़ा पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
संगोष्ठी, चयनित ग्राम में जागरूकता अभियान और वृक्षारोपण कर स्वयंसेवकों ने दिया संरक्षण का संदेश
त्रिवेणीगंज बिहार, सुपौल अनूपलाल यादव महाविद्यालय में मंगलवार को राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) की प्रथम, द्वितीय और तृतीय इकाई के तत्वाधान में विश्व पृथ्वी दिवस एवं पोषण पखवाड़ा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज के प्राचार्य डॉ. जयदेव प्रसाद यादव ने की।
कार्यक्रम की शुरुआत संगोष्ठी से हुई, जिसमें प्राचार्य डॉ. यादव ने विश्व पृथ्वी दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह दिन हमें पर्यावरण की रक्षा और भावी पीढ़ी के लिए पृथ्वी को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी की याद दिलाता है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष विश्व पृथ्वी दिवस 2025 की थीम “आवर पावर, आवर प्लानेट” (हमारी शक्ति, हमारा ग्रह) है, जो हमें नवीकरणीय ऊर्जा, जल संरक्षण और कचरा प्रबंधन के प्रति प्रेरित करती है।
इसके उपरांत एनएसएस के स्वयंसेवकों ने चयनित ग्राम में जाकर लोगों को पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण और पृथ्वी को स्वच्छ रखने के लिए जागरूक किया। मौके पर वृक्षारोपण भी किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत संगोष्ठी से हुई, जिसमें प्राचार्य डॉ. यादव ने विश्व पृथ्वी दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह दिन हमें पर्यावरण की रक्षा और भावी पीढ़ी के लिए पृथ्वी को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी की याद दिलाता है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष विश्व पृथ्वी दिवस 2025 की थीम “आवर पावर, आवर प्लानेट” (हमारी शक्ति, हमारा ग्रह) है, जो हमें नवीकरणीय ऊर्जा, जल संरक्षण और कचरा प्रबंधन के प्रति प्रेरित करती है।
इसके उपरांत एनएसएस के स्वयंसेवकों ने चयनित ग्राम में जाकर लोगों को पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण और पृथ्वी को स्वच्छ रखने के लिए जागरूक किया। मौके पर वृक्षारोपण भी किया गया।

कार्यक्रम में पोषण पखवाड़ा पर भी चर्चा की गई। प्राचार्य डॉ. यादव ने बताया कि भारत सरकार की पहल पर हर वर्ष 8 अप्रैल से 22 अप्रैल तक पोषण पखवाड़ा मनाया जाता है। इसका उद्देश्य गर्भवती महिलाओं, शिशुओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और किशोरियों के पोषण स्तर को सुधारना है। इस कड़ी में स्वयंसेवकों ने ग्रामीण क्षेत्र में जाकर पोषण किट का वितरण किया और लोगों को संतुलित आहार, विटामिन, आयरन व कैल्शियम से भरपूर खाद्य पदार्थों की जानकारी दी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने जलवायु परिवर्तन, वनों की कटाई, प्रदूषण और जनसंख्या वृद्धि को पृथ्वी के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया। उन्होंने कहा कि इन समस्याओं का समाधान जागरूकता और जनसहभागिता से ही संभव है।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापक प्रो. अशोक कुमार, प्रो. सुरेंद्र प्रसाद यादव, डॉ. अरुण कुमार, डॉ. सुदीत नारायण यादव, प्रो. प्रदीप प्रकाश, डॉ. अरविंद कुमार, डॉ. सदानंद यादव, प्रो. नंदकिशोर यादव, योग प्रशिक्षिका रितंभरा भारती तथा द्वितीय इकाई की कार्यक्रम पदाधिकारी प्रो. कुमारी पूनम सहित सभी शिक्षक, शिक्षकेतर कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
कार्यक्रम में सुरेंद्र कुमार, भूषण कुमार, गगन कुमार, दिग्दर्शन, निशांत कुमार, रोशन कुमार, रंजन कुमार, जालेश्वर भगत, बाल किशोर कुमार, मनोज कुमार, लवली कुमारी, शिल्पी कुमारी, आकांक्षा, रिया, अनुप्रिया, मनीषा, दिव्या, आरती, रविता, सरिता, चुनचुन, मेघा समेत कई एनएसएस स्वयंसेवकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।

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