अवैध खनन का खेल: बालू माफियाओं का तांडव,प्रशासन की चुप्पी पर उठ रहे सवाल

- बरसात में थमा खेल, सूखते ही शुरू अवैध खनन

अवैध खनन का खेल: बालू माफियाओं का तांडव,प्रशासन की चुप्पी पर उठ रहे सवाल

राजापुर,चित्रकूट। थाना क्षेत्र के बरुआ तीरमऊ बालू खदान में अवैध खनन का काला कारोबार फिर से जोर पकड़ चुका है। बरसात के समय पिच गीली होने से खनन ठप हो जाता है, लेकिन अब बालू से भरे ओवरलोड ट्रक बिना रवन्ना दौड़ रहे हैं।अवैध खनन पर खनिज विभाग की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। खनिज अधिकारी सुधाकर सिंह पर आरोप है कि वह ईमानदार छवि के जिलाधिकारी को गुमराह कर अवैध खनन करवा रहे हैं। वही स्थानीय जनता का कहना है कि बालू माफिया खुलेआम योगी सरकार को चुनौती दे रहे हैं।बालू माफियाओं ने पत्रकारिता के नाम पर कई व्यक्तियों को जोड़कर मोटी रकम वसूलने का खेल शुरू कर दिया है।
 
संगठन में जोड़े गए पत्रकारों को मामूली एक से दो हजार रुपये दिए जाते हैं, जबकि लाखों रुपये की वसूली बालू माफियाओं से होती है। कई पत्रकारों को यह भी नहीं पता कि उनके नाम का इस्तेमाल कर कौन पैसा कमा रहा है।अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन जानबूझकर सरकार को बदनाम कर रहा है, या फिर बालू माफियाओं के दबाव में है? क्षेत्रीय जनता और सामाजिक संगठनों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। वही जब राजापुर थाना प्रभारी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि मुझे अवैध बालू खनन को लेकर के कोई जानकारी नहीं है और न हीं अभी किसी प्रकार का पट्टा हुआ है।

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