बारावफात का पर्व कोरोना काल के बाद उत्साह पूर्वक मनाने की तैयारियां जोरों।

बारावफात का पर्व कोरोना काल के बाद उत्साह पूर्वक मनाने की तैयारियां जोरों।

समय लोग दरुद और सलाम पढ़ने के साथ ही लोग एक दूसरे को बधाइयां भी देते हैं,और 


 स्वतंत्र प्रभात 
 

मौदहा हमीरपुर


आगामी 19 अक्टूबर को बारावफात का पर्व कोरोना काल के बाद उत्साह पूर्वक मनाने की तैयारियां जोरों पर हैं, हालांकि लगातार लाकडाउन व कोरोना की बीमारी के चलते आर्थिक दृष्टि से कमजोर पड़े लोग अब बड़े पैमाने पर 1 दर्जन से अधिक स्थानों पर बिजली की सजावट और अस्थाई पार्क सजाने के कार्य में आर्थिक रूप से सहयोग नहीं कर पा रहे हैं जिसके चलते सजावट के स्थानों में भी कमी होने का अनुमान है।

  इस्लाम के आखिरी पैगंबर का जन्म उत्साह पूर्वक मनाए जाने के पर्व का नाम बारावफात है, जो बारह रबी उल अव्वल को होती है।, जो बारावफात के नाम से जानी जाती है। इस अवसर पर रात में जागकर इबादत,मीलाद व सुबह 4 बजे जन्म के समय लोग दरुद और सलाम पढ़ने के साथ ही लोग एक दूसरे को बधाइयां भी देते हैं,और 

फातहाख्वानी व लंगर भी होता है ‌ सुबह स्कूली मदरसों के जुलूस इस्लामी झंडे के साथ निकाला जाता है,तो दिन में पहले इलाही तालाब के निकट से एक बड़ा जुलूस निकलता है जिसका नेतृत्व इद्दू पहलवान आदि करते हैं, व दूसरा परम्परागत तरीके से चला आने वाला बड़ा जुलूस हुसैनगंज निवासी हाजी हफीज़ के मकान से 

निकलकर बड़ी जामा मस्जिद नेशनल चौराहा में सभी मोहल्लों के आने वाले झंडों के जुलूसों के साथ निकलता है जो कस्बे में घूमता हुआ देर शाम उसी स्थान पर समाप्त होता है। कोविड के नियमों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने लोगों को आगाह किया है कि अधिक भीड़ भाड़ से बचे, सामाजिक दूरी का पालन करें, सेनिटाइजर का प्रबंध करें।


 उधर गलियों को सजाने व झंडों को बनाने का साजो सामान कस्बे के बाजारों व अन्य दुकानों में कई स्टाल लगाएं गए हैं। जहां घरों में झंडा लगाने व गलियों को सजाने के लिए साजो सामान की बिक्री जोरों पर हैं। कल रात से होने वाली सजावट में मुख्य रूप से हुसैनगंज कपसा मार्ग में 35 फिट से ऊंचा मुख्य सजावटी गेट होगा, यहां की गलियां सजाने के साथ ही मली कुवां चौराहे का मार्ग तथा जामा मस्जिद मार्ग भी सजाया गया है।

 उधर सिजवहिया मोहल्ले की फैजे आम कमेटी हर वर्ष की तरह इस साल भी सजावट का कार्य कर रही है। बस्ती के अंदर कई स्थानों पर सजावट शुरू है लेकिन बीते वर्षों की तरह होने वाली सजावट में भारी कमी देखी जा रही है।
 

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