चहेते सिपाही को कार्यमुक्त नही कर रहे साहब Top 5 News

चहेते सिपाही को कार्यमुक्त नही कर रहे साहब Top 5 News

दस को कार्य बहिष्कार करेंगे माध्यमिक शिक्षक सरकार की वादा खिलाफी के विरोध में होगा प्रदर्शन अम्बेडकरनगर 11 सूत्रीय मांगो के समर्थन में माध्यमिक शिक्षक संघ चेतनारायण गुट द्वारा नौ व दस जनवरी को पूरे प्रदेश में कार्य बहिष्कार किया जायेगा। यह कार्य बहिष्कार चेतनारायण गुट के प्रदेश अध्यक्ष एवं विधान परिषद सदस्य चेतनारायण सिंह

दस को कार्य बहिष्कार करेंगे माध्यमिक शिक्षक


सरकार की वादा खिलाफी के विरोध में होगा प्रदर्शन


अम्बेडकरनगर

11 सूत्रीय मांगो के समर्थन में माध्यमिक शिक्षक संघ चेतनारायण गुट द्वारा नौ व दस जनवरी को पूरे प्रदेश में कार्य बहिष्कार किया जायेगा। यह कार्य बहिष्कार चेतनारायण गुट के प्रदेश अध्यक्ष एवं विधान परिषद सदस्य चेतनारायण सिंह व संगठन के संरक्षक तथा एमएलसी राजबहादुर सिंह चन्देल के आहवान पर किया जा रहा है। इस दौरान जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया जायेगा। संगठन के जिलाध्यक्ष अरूण कुमार सिंह ने बताया कि शिक्षकों की समस्याओं के निस्तारण को लेकर प्रदेश नेतृत्व ने

शिक्षा मंत्री दिनेश शर्मा से कई चक्र वार्ता की लेकिन उसका कोई परिणाम सामने नही आ रहा है। उन्होनें बताया कि दस जनवरी को अयोध्या मंडल के समस्त माध्यमिक शिक्षक विद्यालय में रहते हुए भी शिक्षण कार्य नही करेंगे और विरोध प्रदर्शन करेंगे।

उसी दिन अपरान्ह तीन बजे कलेक्ट्रेट पर एकत्रित होकर पुरानी पेंशन योजना को बहाल किये जाने, तदर्थ शिक्षकों का विनियमतिकरण किये जाने, वित्त विहीन शिक्षकों की सेवा नियमावली बनाते हुए 15 हजार मानदेय देने, राज्य कर्मचारियों की भांति ही शिक्षकों को भी चिकित्सकीय सुविधा दिये जाने सहित अन्य मांगो के साथ जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा जायेगा।


चहेते सिपाही को कार्यमुक्त नही कर रहे साहब


अधिकारियों के आदेश को दिखा रहे ठेंगा
भीटी व अहिरौली थाने का मामला


अम्बेडकरनगर

जिले के पुलिस महकमे में अधिकारियों के आदेशों का किस तरह अनुपालन होता है इसकी नजीर भीटी सर्किल के दो थानों में आसानी से जानी जा सकती है। लगभग दो माह पूर्व हुए सिपाहियों के स्थानान्तरण में थाना प्रभारियों की जुगलबंदी के आगे अधिकारियों का आदेश बौना साबित हो रहा है। स्थानान्तरण के बावजूद यह सिपाही अपने-अपने थानों पर ही जमे हुए हैं। मजे की बात यह है कि जब इस सम्बन्ध में अहिरौली थानाध्यक्ष से जानकारी चाही गई तो उन्होंने कहा कि अगर भीटी थानाध्यक्ष अपने यहां से सिपाही को कार्यमुक्त कर दें तो हम भी कर देंगे।

जानकारी के अनुसार भीटी थाने में तैनात सिपाही सुनील यादव को अहिरौली थाने के लिए स्थानान्तरित किया गया था जबकि अहिरौली थाने में तैनात सिपाही अशोक को भीटी थाने में भेजा गया है। बताया जाता है कि सुनील यादव भीटी थानाध्यक्ष का बेहद खास है, इसलिए हाकिम उसे अपने थाने से कार्यमुक्त नही कर रहे हैं। लगभग दो माह पूर्व ये इस स्थानान्तरण का क्रियान्वयन अभी तक न होने से विभाग की कारगुजारी साफ हो जाती है।


गन्ना विकास परिषद की बैठक बुलाने की मांग


जिलाधिकारी को दिया गया ज्ञापन


अम्बेडकरनगर

गन्ना विकास परिषद मिझौड़ा के संचालक मंडल के सदस्यों ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर गन्ना विकास परिषद की प्रबंध कमेटी की बैठक बुलवाये जाने की मांग की है। संचालक मण्डल के सदस्य अरूण कुमार सिंह, कृष्ण प्रताप सिंह, राजेश सिंह, आदित्य सिंह आदि द्वारा जिलाधिकारी व जिला गन्ना अधिकारी को दिये गये ज्ञापन में कहा गया है कि गन्ना विकास परिषद की प्रबन्ध कमेटी का गठन होने के उपरान्त

अभी तक केवल एक बैठक आयोजित की गई है जबकि प्रबन्ध कमेटी की बैठक माह में एक बार या अधिकतम तीन माह में अवश्य होनी चाहिए। संचालक मण्डल के सदस्यों ने जिलाधिकारी से अनुरोध किया है कि वह प्रबन्ध कमेटी की बैठक एक सप्ताह में बुलाने के लिए ज्येष्ठ गन्ना निरीक्षक विकास परिषद मिझौड़ा को आदेशित करें।


टेट परीक्षा की गुणवत्ता बनाये रखना होगी बड़ी चुनौती


तिथि तो बदली पर परीक्षा केन्द्र वही


अम्बेडकरनगर

बुधवार को आयोजित होने वाली शिक्षक पात्रता परीक्षा को नकल विहीन सम्पन्न कराना जिला प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती साबित होगा। पूर्व में निर्धारित तिथि पर आयोजित होने वाली परीक्षा को स्थगित कर दिये जाने के बाद पुनः परीक्षा के लिए आठ जनवरी की तिथि निर्धारित की गई है लेकिन इसके लिए परीक्षार्थियों के प्रवेश पत्र पर तिथि ही बदल दी गई है जबकि उनके परीक्षा केन्द्र पूर्ववत रखे गये हैं।

परीक्षार्थियों को अपने परीक्षा केन्द्रों की जानकारी लगभग एक माह से है । ऐसे में विद्यालय संचालकों के साथ तालमेल की संभावना की आशंका प्रबल हो गई है। आमतौर पर परीक्षा तिथि में बदलाव होने पर परीक्षा केन्द्रों में भी फेरबदल किया जाता है। गतदिनों सम्पन्न हुई अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की परीक्षा में इसी प्रकार की व्यवस्था को अंजाम दिया गया था लेकिन इस परीक्षा में ऐसा नही किया गया। इन परिस्थितियों में परीक्षा की गुणवत्ता को बनाये रखना जिला प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होगी।

सम्पूर्ण समाधान दिवस में आये 156 मामले


अम्बेडकरनगर

संपूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर अकबरपुर तहसील में कुल 156 प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किए जिसमें से पांच प्रार्थना पत्रों का निस्तारण कर दिया गया। अकबरपुर तहसील में समाधान दिवस उप जिलाधिकारी अभिषेक पाठक की उपस्थिति में किया गया। टांडा तहसील में कुल 50 प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किए गए जिस पर मौके पर चार का निस्तारण कर दिया गया। इस दौरान उपजिलाधिकारी टांडा एवं तहसीलदार मौके पर मौजूद रहे।

जलालपुर तहसील में जिला अधिकारी व पुलिस अधीक्षक के समक्ष कुल 236 प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किए गए जिसमें 11 प्रार्थना पत्रों का मौके पर निस्तारण कर दिया गया। आलापुर तहसील में उपजिलाधिकारी आलापुर की उपस्थिति में कुल 156 प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किए गए जिसमें 6 का मौके पर निस्तारण कर दिया गया। भीटी तहसील में कुल 168 प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किए गए जिसमें पांच प्रार्थना पत्रों का मौके पर निस्तारण कर दिया गया। भीटी तहसील समाधान दिवस के अवसर पर अपर जिलाधिकारी पंकज वर्मा की उपस्थिति में समाधान दिवस का आयोजन किया गया।

मौलिक अधिकार व कर्तव्य विषय पर विधिक साक्षरता शिविर आयोजित


अंबेडकरनगर

मंगलवार को तहसील सभागार अकबरपुर में मौलिक अधिकार एवं कर्तव्यों के विषय पर विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर को सम्बोधित करते हुए अशोक कुमार सिविल जज सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने मौलिक अधिकार एवं कर्तव्य विषय पर जानकारी देते हुए कहा कि मौलिक अधिकार एवं कर्तव्य एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। किसी भी समाज के संचालन के लिये इन दोनों पालन करना अनिवार्य है। हमें अपने मौलिक अधिकारों से पहले अपने मौलिक कर्तव्यों का पालन करना चाहिये। संविधान में 11 मौलिक कर्तव्यों का वर्णन किया गया है। देश के कानून की जानकारी आम आदमी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है

तथा कानून की यह जानकारी देश के संविधान में मौजूद है। संविधान के भाग ती न में सन्निहित मूल अधिकार सभी भारतीयों के लिए नागरिक अधिकार सुनिश्चित करते हैं और सरकार को व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अतिक्रमण से रक्षा करने का दायित्व भी राज्य पर डालते हैं। संविधान द्वारा मूल रूप से सात मौलिक अधिकार प्रदान किये गये हैं। यदि किसी के मौलिक अधिकारों का हनन होता है तो वह न्यायालय का दरवाजा खटखटा सकता है। उक्त शिविर में संतोष कुमार ओझा तहसीलदार/सचिव, तहसील विधिक सेवा समिति अकबरपुर ने शिविर को सम्बोधित करते हुए कहा कि भारत सरकार ने न्याय को आसान बनाने के लिए ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले गरीब और कमजोर लोगों को मुफ्त कानूनी सहायता देने की योजना शुरू की है।

इसके अतिरिक्त कोई भी निर्धन व्यक्ति जिसका मुकदमा तहसील में लम्बित है और वह अपने वाद की पैरवी धन के अभाव में नही कर पा रहा है तो वह व्यक्ति एक सादे कागज पर अपनी समस्या लिखते हुए निःशुल्क अधिवक्ता की मांग करे तो तहसील विधिक सेवा समिति की तरफ से निःशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराया जाता है। कार्यक्रम का संचालन करते हुए वरिष्ठ अधिवक्त रामचन्द्र वर्मा ने बताया कि इन अधिकारों का उल्लंघन होने पर भारत के सर्वोच्च न्यायालय तथा राज्य के उच्च न्यायालयों को यह अधिकार है

कि ऐसे किसी विधायी या कार्यकारी कृत्य को असंवैधानिक और शून्य घोषित कर सकें। इसके अलावा मौलिक कर्तव्यों के अनुसार प्रत्येक नागरिक को अपने संविधान के साथ ही राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान करना चाहिए। इस शिविर में राजीव सिंह, हरिश्चन्द्र वर्मा, संतोष कुमार, नवीन चैहान, आत्माराम, नरसिंह नारायण तिवारी, रवि चैधरी, सुरभि चतुर्वेदी, किरन रंजना वर्मा सहित अन्य तहसील के कर्मचारीगण एवं मीडियाकर्मी आदि उपस्थित थे।

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