बीएचयू छात्रों से जबरन छात्रवास खाली करवाने का आरोप छात्र धरने पर बैठे

bhu student sitted on strike

स्वतंत्र प्रभात वाराणसी

मनीष पांडेय

प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के अंतर्गत बीएचयू एक  चर्चा का विषय हमेश से बनता रहता है कभी वह छात्रों व शिक्षकों के बीच का प्रकरण हो या वह कोई राष्ट्रीय मुद्दा हो बीएचयू के नाम सामने आता रहा है कोरौना काल के दौरान कुछ छात्र अपने छात्रावास में रुके हुए है बीएचयू प्रशासन ने उन्हें बसों से उनके घर ले जाने की बात की थी  का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने जबरजस्ती छात्रावास खाली करवाया है, जबकि इस वक्त यह स्थिति है कि यहां से अपने घर भी जाना खतरे से खाली नहीं है। संस्कृत धर्म विज्ञान संकाय के रुइया छात्रावास को विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा खाली करवा कर तालाबंदी कर दिया गया है, जिसके विरोध स्वरूप छात्र, अपने छात्रावास के सामने चौराहे पर धरने पर बैठ गए हैं।

बीएचयू के त्रिवेदी चौराहे पर धरने पर बैठे छात्रों का कहना है कि इनमें से कई छात्रों का घर हॉटस्पॉट एरिया में है जहां इस वक्त जाना संक्रमण को खुद बुलाने जैसा है। संस्कृति विद्या धर्म विज्ञान संकाय के शोध छात्र ने कहा कि मुझे इस स्थिति में यहां से निकाला जा रहा जब मेंरे पास वापस जाने का कोई साधन नहीं है।

शोध छात्र ने कहा कि जिस गांव में मैं रहता हूं वहां भी स्थिति बहुत ठीक नहीं है। मैनें अपने पिता से बात की तो पता चला कि बाहर से आये हुए लोगों को गांव से 3 किलोमिटर दूर एक स्कूल में क्वारंटाइन के लिए रोका जा रहा हैं, जहां रुकना खतरे से खाली नहीं है।

वहीं बिरल हॉस्टल में रहने वाले शोध छात्र अविनाश ने कहा कि वह गाजीपुर के रहने वाले हैं और उनके माता-पिता किराये पर रहते हैं। उनके माता-पिता को साफ कह दिया गया है कि बाहर से उनके घर में कोई भी ना आये चाहे वह उनके परिवार का ही क्यों न हो। ऐसें में मैं भी वहां नहीं जा सकता तो मैं हॉस्टल के अलावा और कहां रहुंगा।

छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन और शासन से अनुरोध किया है कि उन्हें हॉस्टल में ही क्वारंटाइन रहने दिया जाए क्योंकि इसके अलावा हमारे पास कोई आसरा नहीं है|

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