विश्व शांति

कहां गए शांति के कपोत उड़ाने वाले?

अशोक मधुपआज की दुनिया बारूद से धधक रही  है। रूस-यूक्रेन  से लेकर मध्य पूर्व के रेगिस्तानों तक, हर तरफ मिसाइलों की गूँज है। शांति की बाते  अब सुनाई  नही देतीं। शांति के कपोत उड़ाने  वाले दिखाई देने बंद...
स्वतंत्र विचार  संपादकीय 

महायुद्ध में प्रयुक्त गोला बारूद के विकरण से पर्यावरण में होंगे जहरीले परिणाम

वैज्ञानिकों और पर्यावरणविदों ने बार-बार चेतावनी दी है कि यदि युद्धों में प्रयुक्त हथियारों और उनके पर्यावरणीय प्रभावों पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो ग्लोबल वार्मिंग की समस्या और भी विकराल रूप ले सकती है। युद्ध के गोला बारूद के...
स्वतंत्र विचार  संपादकीय 

युद्ध विराम के लिए भारत होगा संभावित विकल्प

वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में संयुक्त राष्ट्र संघ की भूमिका पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हो रहे हैं। विशेषकर तब जब दुनिया लगातार संघर्षों की आग में झुलस रही है, रूस-यूक्रेन युद्ध से लेकर इजरायल-फिलिस्तीन संघर्ष और अब  अमेरिका-इजरायल-ईरान महायुद्ध ने यह...
स्वतंत्र विचार  संपादकीय 

विश्व शान्ति का दिव्यास्त्र अहिंसा

मानव सभ्यता का इतिहास जितना पुराना है उतना ही पुराना संघर्ष और हिंसा का इतिहास भी है। मनुष्य ने विज्ञान में प्रगति की है तकनीक में उन्नति की है और आकाश से लेकर समुद्र की गहराइयों तक अपने कदम बढ़ा...
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