स्कूल में हिंसा
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बच्चों को सजा नहीं, संवेदना चाहिए
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By हर्षिता यादव
मनोज कुमार अग्रवाल-विनायक फीचर्सवह स्कूल में मेरा पहला दिन था, जब मेरे अध्यापक ने थप्पड़ लगाकर मेरा गाल लाल कर दिया था। उस समय मेरी आयु मात्र चार साल की रही होगी, लेकिन उस थप्पड़ की झनझनाहट मेरे मन-मस्तिष्क...

