राधा अष्टमी 2026

"जिंदगी कोई सिनेमा नहीं है"

हम अक्सर जिंदगी को फिल्मों की तरह जीने की कोशिश करते हैं। पर्दे पर हीरो को कितनी भी बड़ी चोट लगे, वह उठता है, कपड़े झाड़ता है और फिर कहता है “मैं झुकूंगा नहीं।” तालियां बजती हैं, संगीत बजता है...
संपादकीय  स्वतंत्र विचार