स्कूलों में शारीरिक दंड

बच्चों को सजा नहीं, संवेदना चाहिए

मनोज कुमार अग्रवाल-विनायक फीचर्सवह स्कूल में मेरा पहला दिन था, जब मेरे अध्यापक ने थप्पड़ लगाकर मेरा गाल लाल कर दिया था। उस समय मेरी आयु मात्र चार साल की रही होगी, लेकिन उस थप्पड़ की झनझनाहट मेरे मन-मस्तिष्क...

दंडनीय अपराध है स्कूली बच्चों के साथ अमानवीयता भरा व्यवहार 

मनोज कुमार अग्रवाल     भारत में शिक्षा का अधिकार कानून  की धारा 17 स्कूलों में बच्चों को किसी भी तरह के शारीरिक दंड  या मानसिक उत्पीड़न से पूरी तरह सुरक्षित रखती है।स्कूलों में शिक्षकों द्वारा बच्चों की पिटाई और शारीरिक दंड...
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