मिट्टी की उर्वरता

बीज बदलते-बदलते कहीं हम तो नहीं बदल गए?

कभी गाँव के किसी बुजुर्ग किसान के पास बैठकर खेती की बात कीजिए। वह मिट्टी को हाथ में लेकर उसकी नमी पहचान लेता था, मौसम का अंदाजा आसमान देखकर लगा लेता था और फसल में से अगले वर्ष के लिए...
संपादकीय  स्वतंत्र विचार