दिगंबर जैन

संतोष से दूर, संकट के निकट : परिवार की बदलती कहानी

प्रो. आरके जैन “अरिजीत”जब संबंधों की जड़ें स्वार्थ की धूप में सूखने लगती हैं, तब सभ्यताओं का मौन पतन शुरू हो जाता है। भारतीय समाज उसी क्षरण से गुजर रहा है, जहाँ दिगंबर जैन दर्शन का गृहस्थ-धर्म—संतुलन...
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