तस्करी का हब बना गौरीफंटा बॉर्डर

तस्करी का हब बना गौरीफंटा बॉर्डर

महिला कैरियरों को बनाया माध्यम



पलिया कलां खीरी।भारत नेपाल सीमा स्थित कोतवाली गौरीफंटा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली वनगांव, कजरिया, सूंडा, मंडी बनी तस्करी का हब जहां से प्रतिदिन लाखों रुपए की प्रतिबंधित खाद्य सामग्री एवं कपड़ा जूता चप्पल हार्डवेयर इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बीड़ी सिगरेट तम्बाकू नशीली दवाओं चरस अफीम ब्राउनशुगरआदि की तस्करी बड़े पैमाने पर कैरियरों के माध्यम से की जाती है।

सूत्रों के मुताबिक सीमा क्षेत्र के इर्दगिर्द गिध्दों की तरह नजर गड़ाए बैठे कुख्यात तस्कर सीमा पार बैठे राष्ट्रविरोधी आकाओं की शह पर नित्यदिन सीमा पर एवं आस पास की मंडियों में विभिन्न प्रकार की वस्तुओं की आड़ में अपनी गतिविधियों को अंजाम दे रहे शाहगिर्दों कि मदद से नेपाली महिला और नेपाली पुरुषों को माध्यम बनाकर सीमा पर मौजूद तमाम सुरक्षा एजेंसियों की नाक के नीचे से बड़े पैमाने पर तस्करी को अंजाम देने का कार्य कर रहे हैं।

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