अब अर्थव्यवस्था में तेजी से हुए सुधार के संकेत, डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में 48 प्रतिशत का उछाल दर्ज

अब अर्थव्यवस्था में तेजी से हुए सुधार के संकेत, डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में 48 प्रतिशत का उछाल दर्ज

अब अर्थव्यवस्था में तेजी से हुए सुधार के संकेत, डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में 48 प्रतिशत का उछाल दर्ज


कुल डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में कॉर्पोरेट इनकम टैक्स 7,19,035.0 करोड़ रुपये था वहीं एसटीटी के साथ पर्सनल इनकम टैक्स 6,40,588.3 करोड़ रुपये था
घरेलू अर्थव्यवस्था में तेजी के साथ सुधार देखने को मिल रहा है. वित्त मंत्रालय (finance ministry) के द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार वित्त वर्ष 2021-22 के लिये नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन (Direct tax collection) 48 प्रतिशत बढ़ा है

 वहीं एडवांस टैक्स कलेक्शन में 41 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली है. मंत्रालय के अनुसार संक्रमण (Covid ) की दो लहरों के बावजूद ये बढ़त दर्शाती है कि आर्थिक सुधार में तेजी दर्ज हो रही है.चालू वित्त वर्ष में डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन जिसमें व्यक्तिगत आय पर आयकर, कंपनियों के मुनाफे पर निगम कर, संपत्ति कर आदि शामिल होते हैं, महामारी से पहले 2019-20 के वित्त वर्ष के कलेक्शन 9.56 लाख रुपये से भी 35 प्रतिशत अधिक है.


कहां से मिला कितना टैक्स

जारी बयान के मुताबिक कुल डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में कॉर्पोरेट इनकम टैक्स 7,19,035.0 करोड़ रुपये था वहीं एसटीटी के साथ पर्सनल इनकम टैक्स 6,40,588.3 करोड़ रुपये था. रिफंड को एडजस्ट करने से पहले वित्त वर्ष 2021-22 (16 मार्च, 2022 तक) कुल डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 15,50,364.2 करोड़ रुपये था. जो कि पिछले वित्तीय वर्ष की इसी अवधि में 11,20,638.6 करोड़ रुपये के स्तर पर था. वहीं वित्त वर्ष 2019-20 के लिए कुल संग्रह 11,34,706.3 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2018-19 के लिए कुल संग्रह 11,68,048.7 करोड़ रुपये था.


कहां पहुंचा टैक्स कलेक्शन

वित्त मंत्रालय के द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि 1 अप्रैल, 2021 से शुरू हुए वित्तीय वर्ष में 16 मार्च, 2022 तक प्रत्यक्ष करों का शुद्ध संग्रह 13.63 लाख करोड़ रुपये रहा, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह 9.18 लाख करोड़ रुपये था. वहीं बयान में कहा गया है कि अग्रिम कर संग्रह, जिसकी चौथी किस्त 15 मार्च को थी,

 बढ़कर 6.62 लाख करोड़ रुपये हो गई, जिसमे कि 40.75 प्रतिशत की बढ़त दर्ज हुई है, चालू वित्त वर्ष में कुल 1.87 लाख करोड़ रुपये का रिफंड जारी किया गया है. डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन का लगभग 53 प्रतिशत कॉर्पोरेट टैक्स का था, जबकि 47 प्रतिशत व्यक्तिगत आयकर से आया था, जिसमें शेयरों पर लगाया गया एसटीटी भी शामिल है.

 मौजूदा वित्त वर्ष के लिये कुल कलेक्शन में 8,36,838.2 करोड़ रुपये का कॉर्पोरेट इनकम टैक्स और 7,10,056.8 करोड़ रुपये का पर्सनल इनकम टैक्स शामिल है, वहीं कुल कलेक्शन में 6,62,896.3 एडवांस टैक्स, 6,86,798.7 का टीडीएस, 1,34,391.1 करोड़ रुपये का सेल्फ एसेसमेंट टैक्स, 55,249.5 रेगुलर एसेसमेंट टैक्स और 7,486.6 करोड़ रुपये का डिविडेंड टैक्स शामिल है. अन्य में 3,542.1 करोड़ रुपये हैं. चालू वित्त वर्ष 2021-22 के लिए संचयी अग्रिम कर संग्रह 16 मार्च, 2022 तक 6,62,896.3 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह 4,70,984.4 करोड़ रुपये था

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