होर्मुज जलडमरूमध्यः ऊर्जा सुरक्षा का प्रवेश द्वार शीर्षक पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन

इस कार्यक्रम के दौरान श्रेष्ठ प्रतिभागियों को पुरूस्कृत किया

Swatantra Prabhat UP Picture
Published On

बरेली। महाराजा अग्रसेन महाविद्यालय में भूगोल विभाग द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्यः ऊर्जा सुरक्षा का प्रवेश द्वार शीर्षक पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रो. आर. पी. सिंह पूर्व कुलपति, सदस्य उत्तर प्रदेष उच्च शिक्षा सेवा आयोग एवं पूर्व प्राचार्य बरेली काॅलेज बरेली, शैक्षिक  उन्नयन समिति के चेयरमैन अजय कुमार अग्रवाल, प्रबंध समिति के सदस्य अशोक कुमार गोयल, निदेषक डाॅ. प्रवीन कुमार अग्रवाल, अतिथि पवन कुलश्रेष्ठ, महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ. सौरभ अग्रवाल, कला संकाय समन्वयक डाॅ. सीमा श्रीवास्तव, कार्यक्रम समन्वयक भूगोल विभाग के प्रवक्ता डाॅ. तरूण पाण्डेय, सह समन्वयक राकेश कुमार द्वारा दीप प्रज्जवलित कर किया गया।
 
कार्यक्रम की रूपरेखा डाॅ. तरूण पाण्डेय द्वारा प्रस्तुत की गई। संगोष्ठी में छात्र-छात्राओं द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्यः ऊर्जा सुरक्षा का प्रवेश शीर्षक पर अपने विचार प्रस्तुत किये गये। आज की संगोष्ठी में मुख्य अतिथि ने भू-राजनीति एवं जलमार्गो के वर्चस्व पर अपने विचार प्रस्तुत करते हुए कहा कि भू-राजनीति में जल मार्गो का विशेष महत्व है क्योंकि यही जलमार्ग किसी देश की अर्थव्यवस्था का आधार बनते है। वर्तमान में ईरान एवं अमेरिका के मध्य चल रहे युद्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि इस समय पर फारस की खाड़ी एवं ओमान की खाड़ी के मध्य स्थित होर्मुज जलडमरूमध्य एक ऐसा जल मार्ग है जहां से होकर विभिन्न देशो के लिए कच्चा तेल एवं गैस से लदे मालवाहक जहाज निकलते है।
 
वर्तमान में चल रहे विवाद के कारण यहां से निकलने वाले मालवाहक जहाजो को कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है। जो कि आयात-निर्यात में बाधा उत्पन्न कर रहें है। जिससे विभिन्न देशो की अर्थव्यवस्था पर प्रभाव पड़ रहा है।  शैक्षिक उन्नयन समिति के चेयरमैन ने अपने अविभाषण में होर्मुज जलडमरूमध्य के अतिरिक्त विश्व के अन्य महत्वपूर्ण जलडमरूमध्य पर प्रकाश डाला। निदेशक महोदय ने ईरान आयातित तेल एवं गैस के बढ़ते हुए मूल्यों पर चिंता व्यक्त की।इस कार्यक्रम के दौरान श्रेष्ठ प्रतिभागियों को पुरूस्कृत किया।
 
संगोष्ठी के अन्त में प्रबन्ध समिति ने मुख्य अतिथि को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान भूगोल विभाग के दोनों प्रवक्ताओं को भी उनके प्रयासों के लिए सम्मानित किया गया। महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ. सौरभ अग्रवाल ने सभी का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार की संगोष्ठी से छात्र-छात्राओं के चहुंमुखी विकास में सार्थक सिद्ध होती है। मंच संचालन भूगोल विभाग के प्रवक्ता राकेश कुमार ने किया । संगोष्ठी को सफल बनाने में डाॅ. आरती बंसल, प्रीती यादव, डाॅ. बृजेश नंदिनी, गोविन्द सिंह, रामलखन, संगीता चैहान का विशेष योगदान रहा। संगोष्ठी में डाॅ. के.के.अग्रवाल, डाॅ. के.के. मेहरोत्रा, डाॅ. रेशु जौहरी, मंयक षर्मा, शोभित अग्रवाल, अजीत सिंह, डाॅ. सुमित अग्रवाल, डाॅ. निशा परवीन, डाॅ. पूजा अग्रवाल, डाॅ. राजपाल वर्मा, प्रथमेश कुमार, प्रफुल्ल पाठक सहित तमाम स्टाफ मौजूद रहा।

About The Author

Post Comments

Comments

नवीनतम समाचार