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बंदरों के उत्पात नियंत्रण हेतु जिला स्तरीय समिति का गठन

पकड़े गए बंदरों को आबादी से दूर उपयुक्त वन क्षेत्रों में छोड़ा जाएगा, जिससे जनसुरक्षा सुनिश्चित की जा सके

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अम्बेडकरनगर। जिले में बंदरों के कारण उत्पन्न होने वाली संघर्ष की घटनाओं को नियंत्रित करने एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी द्वारा एक जिला स्तरीय समिति का गठन किया गया है। यह निर्णय माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशों एवं शासन स्तर से प्राप्त आदेशों के अनुपालन में लिया गया है। समिति की अध्यक्षता जिलाधिकारी करेंगे, जबकि संबंधित विभागों के अधिकारी एवं नामित प्रतिनिधि सदस्य के रूप में कार्य करेंगे।

समिति के मुख्य दायित्वों में जनपद के नगर निकायों एवं ग्राम पंचायतों में बंदरों से प्रभावित हॉटस्पॉट क्षेत्रों की पहचान करना, हेल्पलाइन की स्थापना कर शिकायतों का त्वरित संज्ञान लेना तथा प्रशिक्षित व्यक्तियों/संस्थाओं के माध्यम से बंदरों को सुरक्षित रूप से पकड़ने की व्यवस्था सुनिश्चित करना शामिल है। पकड़े गए बंदरों को आबादी से दूर उपयुक्त वन क्षेत्रों में छोड़ा जाएगा, जिससे जनसुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

इसके अतिरिक्त बंदरों को खाद्य पदार्थ उल्लंघ न हो, इसके लिए नगरीय निकाय प्रभावी कूड़ा निस्तारण सुनिश्चित करेंगे। ताकि बंदरों के लिए भोजन के स्रोत सीमित किए जा सकें। साथ ही, धार्मिक मान्यताओं के दृष्टिगत बंदरों को भोजन कराने हेतु निर्धारित स्थान चिन्हित किए जाएंगे तथा अन्य स्थानों पर भोजन देने पर रोक रहेगी। जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील की है कि वे बंदरों को अनावश्यक रूप से भोजन न दें, कूड़ा खुले में न फेंकें तथा किसी भी प्रकार की समस्या होने पर प्रस्तावित हेल्पलाइन पर तत्काल सूचना दें। वन विभाग के समन्वय से जन-जागरूकता अभियान भी चलाए जाएंगे, जिससे मानव–बंदर संघर्ष की घटनाओं को न्यूनतम किया जा सके।

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